Сад шукр ки кӯчаи адами ҷой ман аст
صد شکر که کوچه عدم جای من است
Бозори фанои гарми зи савдоӣ ман аст
بازار فنا گرم ز سودای من است
Аз сина чу фикри ёр берун наравад
از سینه چو فکر یار بیرون نرود
Гўӣӣ ки даруни синаи дунёӣ ман аст
گوئی که درون سینه دنیای من است