Он дил ки зи ишқ чаҳ ғунчаи шкФт

آن دل که ز عشق چه غنچه شکفت

Ҳар нукта ки гуфт зи ҳасан ту гуфт

هر نکته که گفت ز حسن تو گفت

Бедори ғамат аз субҳи азал

بیدار غمت از صبح ازل

То шоми абади як лаҳза нахуфт

تا شام ابد یک لحظه نخفت

Гӯши дил ҳар ҳӯшёри дилӣ

گوش دل هر هوشیار دلی

Ҳар нағмаи шнФти ҳам аз ту шнФт

هر نغمه شنفت هم از تو شنفت

Мижгони ман длрФтаҳи зи даст

مژگان من دلرفته ز دست

Ҷузи хоки раҳи кӯй ту нарафт

جز خاک ره کوی تو نرفت

Аз ашку сиришки равони дилам

از اشک و سرشک روان دلم

Пайдост ҳақиқат роз наҳуфт

پیداست حقیقت راز نهفت

Ондл ки нагашта зи тоқати тоқ

آندل که نگشته ز طاقت طاق

Ҳошо ки буд бо ишқи ту ҷуфт

حاشا که بود با عشق تو جفت

Ин ғам ки насиб мФтқр аст

این غم که نصیب مفتقر است

Ҳаргизи надиҳад аз даст ба муфт

هرگز ندهد از دست به مفت