Қомат хам гаштаро марг хабар ме кунад
شبی ز خانه برون با صد آرزو رفتم
Маҳмили гулро хазони зер ва зибр ме кунад
فگنده سبحه و سجاده کو به کو رفتم
Ҳамчуи ҷараси мурғи дили замзама сар ме кунад
شکسته توبه و زنار در گلو رفتم
Қофилаи солори мо азм сафар ме кунад
سحرگه در طلب ساغر و سبو رفتم
Қофилаи шаби гузашти субҳ асар ме кунад
به کار خانه زاهد به جستجو رفتم
Дӯш ба гулшани марои завқ тамошо кашид
به خاطر تو چو شبنم به بوستان بودم
Рафтам ва кардам ба шавқи такя ба нахли умед
شکسته رنگ تر از چهره خزان بودم
Шабнам бедаст ва по дод марои ин навид
ز جوش ناله هم آغوش بلبلان بودم
Ҳаркии шабӣ роҳ рафт субҳ ба манзил расед
در آستانه گل با تو همزبان بودم
Ҳаркии шабӣ хоб кард хок ба сар ме кунад
تو همچو رنگ نشستی و من چو بو رفتم
Нест туро заррае шамъи сифати тобу таб
تو را شکفته چو گل چهره از می گلنار
Ҳаст ба паҳлавии ту бистари айшу тараб
مباش در پی آزار بلبلان زنهار
Дар таҳи сари монда ӣӣ болаши пари рӯзу шаб
به حرف من نفسی گوش و هوش را بگذار
Хуфтаи чунин бе адаби шарми надории аҷаб
به هیچ دل ننشستم اگر چه ناخن وار
Холиқи парвардгор бо ту назар ме кунад
ز دست شوق تو در سینه ها فرو رفتم
эй ки ту дар чашми худ гавҳари арзанда Эй
به یاد آتش روی تو تاب و تب دارم
Не ба касе чокарии не ба худои банда Эй
ز خویش رفته ام و حالت عجب دارم
Кӣ ту дар ин рӯзгори боқӣу поянда Эй
اگر چه چون خط تو نسبتی به شب دارم
Вақти ғанимати шуморгар нафасии зинда Эй
به عهد زلف تو باریک رو لقب دارم
Умр ба монанди бод аз ту гузар ме кунад
که در شکافتن مو درون مو رفتم
Аз дилат эй сидои нақши ҷаҳонро тарош
چو سیدا نظر از روی غیر پوشیدم
Нохуни алмоси ҷӯи синаи худро тарош
به کوی یار ز شب تا به روز گردیدم
Чанд кунӣ аз ғурури такя ба ҷӯши маош
گل مراد خود از شاخ آرزو چیدم
Худ чу бад-ӣни ақлу ҳуш кам з фурӯғӣ мабош
بدیع تازه گلستان روی او دیدم
Нолау фарёди байни вақт саҳар ме кунад
میان برگ گل و لاله تا گلو رفتم