Ёди боди он шаб ки хуш кардам шабат

یاد باد آن شب که خوش کردم شبت

Гар чаҳ нохуш карда бади он шаби таббат

گر چه ناخوش کرده بد آن شب تبت

Коса ӣ таби хол бар май доштам

کاسه ی تب خال بر می داشتم

Нафии тӯҳматро ба дандон аз лабат

نفیِ تهمت را به دندان از لبت

Ғоибӣ аз чашм ва дар гӯшам бимонад

غایبی از چشم و در گوشم بماند

Ҳам чунон овоз ё раб ёрбат

هم چنان آوازِ یا رب یاربت

Ёди боди он шаб ки маҷлис рӯз кард

یاد باد آن شب که مجلس روز کرد

Акси нур бо фурӯғи ғабғабат

عکسِ نورِ با فروغِ غبغبت

Ҳам чу парвини ашк май резами зи чашм

هم چو پروین اشک می ریزم ز چشم

Дар фироқи зулфи ҳам чун ақрабат

در فراقِ زلفِ هم چون عقربت

Срўбстонро тафарруҷ ме кунам

سروبستان را تفرّج می کنم

Аз паии болои шнги шбшбт

از پی بالایِ شنگِ شبشبت

Ҷон нахоҳад барад медонам чу рӯз

جان نخواهد برد می دانم چو روز

Аз шаби ҳиҷрони нзории оқибат

از شب هجران نزاری عاقبت