Мубсирӣ ки тавонад хас аз гуҳар бишнохт
مبصّری که تواند خس از گهر بشناخت
Ба ишқи ишқу хирадро зи як дигар бишнохт
به عشق عشق و خرد را ز یک دگر بشناخت
Сафар ба ишқ тавон кард марди ошиқ ро
سفر به عشق توان کرد مرد عاشق را
Хирад ба кор наёяд чу ин қадар бишнохт
خرد به کار نیاید چو اینقدر بشناخت
Далели ошиқ ишқасту ақли пиндорад
دلیل عاشق عشق است و عقل پندارد
Ки ӯ тариқи савоб аз раҳ хатар бишнохт
که او طریق صواب از ره خطر بشناخت
Туро ба ишқ ту бишнохтам ба ишқ , оре
تو را به عشق تو بشناختم به عشق، آری
Гумон мабар ки магари ақл мухтасар бишнохт
گمان مبر که مگر عقل مختصر بشناخت
Вале ба дидаи ҷон дида будамат аввал
ولی به دیدهٔ جان دیده بودمت اول
Чу боз дидамат ӣнҷои дили он назар бишнохт
چو باز دیدمت اینجا دل آن نظر بشناخت
Дилӣ ки бо ҳамаи олам баробарат накунад
دلی که با همه عالم برابرت نکند
Ба ҳиҷри қимати васли ту бештар бишнохт
به هجر قیمت وصل تو بیشتر بشناخت
Касе ки таъми кбсту мазоқ мқл чашид
کسی که طعم کبست و مذاق مَقَل چشید
Ҳаловати асалу лиззат шукр бишнохт
حلاوت عسل و لذّت شکر بشناخت
Нзориӣ ки надонад шинохти по аз сар
نزاریی که نداند شناخت پا از سر
Ба рӯзи ақл чу девона шуд магар бишнохт
به روزِ عقل چو دیوانه شد مگر بشناخت
На ҳамчунон сухан ношинохт ме гуяд
نه همچنان سخن ناشناخت میگوید
Куҷои з ҳуш даромад ки пои з сар бишнохт
کجا ز هوش درآمد که پا ز سر بشناخت