Он кӯи замии шабонаи махмур буд
آن کو ز می شبانه مخمور بود
Наздики хиради зи зиндагии давр буд
نزدیک خرد ز زندگی دور بود
Дили сӯхтаи оташи ғамро марҳам
دل سوخته آتش غم را مرهم
Хўнист ки номаши оби ангур буд
خونیست که نامش آب انگور بود
Он кӯи замии шабонаи махмур буд
آن کو ز می شبانه مخمور بود
Наздики хиради зи зиндагии давр буд
نزدیک خرد ز زندگی دور بود
Дили сӯхтаи оташи ғамро марҳам
دل سوخته آتش غم را مرهم
Хўнист ки номаши оби ангур буд
خونیست که نامش آب انگور بود