Миннат аз зулҷалоли волокром
منّت از ذوالجلال والاکرام
Бадви оғозу ғояти анҷом
بَدو آغاز و غایتِ انجام
Офаринандаи вуҷӯду адам
آفریننده وجود و عدم
Пеши гӣрандаи ҳудусу қадам
پیش گیرنده حدوث و قدم
Бргзинндаҳи ҳақ аз ботил
برگزیننده حق از باطل
Корпрдози омилу отил
کارپرداز عامل و عاطل
Раҳи намояндаи хтобинон
ره نماینده خطابینان
Мӯнис бедилону мискинон
مونس بی دلان و مسکینان
Молики малики аввалу охир
مالک ملک اول و آخر
Возеъи ҳақи ботину зоҳир
واضع حق باطن و ظاهر
Авлиёи роздори пинҳонаш
اولیا رازدار پنهانش
Анбиёи корсози фурмонаш
انبیا کارساز فرمانش
Аз сафии аллоҳ аз мабодии кор
از صفی الله از مبادی کار
Даргирифта бдоити адвор
درگرفته بدایت ادوار
Гарчи донам , нагӯям аз гандум
گرچه دانم، نگویم از گندم
Тарсам аз эътирози номардум
ترسم از اعتراض نامردم
Карда бар мӯҷиби шумораи ом
کرده بر موجب شماره عام
Бар набии аллоҳи он шумораи тамом
بر نبی الله آن شماره تمام
Даври тӯфони з умматаш бархест
دور طوفان ز اُمتش برخاست
Чаҳ кунад ҷуз чунон наомад рост
چه کند جز چنان نیامد راست
Чун ишорати сӯй халил омад
چون اشارت سوی خلیل آمد
Халқро ваъда слсбил омад
خلق را وعده سلسبیل آمد
ӯ ба уммат нахост алои хайр
او به امت نخواست الا خیر
Лек қосир назар бибинад ғайр
لیک قاصر نظر ببیند غیر
Пас аз он чун расед давр кулем
پس از آن چون رسید دور کلیم
Ҳам накарданд умматаши таъзим
هم نکردند امتش تعظیم
Лек фиръавн агарчӣ бӯҳтон кард
لیک فرعون اگرچه بهتان کرد
Натавонист дафъ събон кард
نتوانست دفع ثعبان کرد
Рӯҳро баъд аз он муҷассам кард
روح را بعد از آن مجسم کرد
Бемадад , номаши ибн Марям кард
بی مدد، نامش ابن مریم کرد
Нафасаш гарчи сад ҷаҳон ҷон дошт
نفسش گرچه صد جهان جان داشت
Мурдаи ҷаҳлро чаҳ дармон дошт
مرده جهل را چه درمان داشت
Рояти мӯъҷизоти барда ба моҳ
رایت معجزات برده به ماه
Навбати даъвати ҳабиби аллоҳ
نوبت دعوت حبیب الله
Гарчи лўлок буд дар шонаш
گرچه لولاک بود در شانش
Ғуссаҳо бади зи ибни Аммонаш
غصه ها بُدْ ز ابن عمّانش
Ҳарчӣ ояд бидон казу бошад
هرچه آید بدان کزو باشد
Ҳарчӣ зу ояд он накӯ бошад
هرچه زو آید آن نکو باشد
Ки на фиръавн ихтиёр надошт
که نه فرعون اختیار نداشت
Балки Мӯсои ҳам иқтидор надошт
بلکه موسی هم اقتدار نداشت
Хизри ноҷустаи об ҳайвон хӯрд
خضر ناجُسته آب حیوان خَورد
Он ки ҷуст ва наёфт чтўон кард ?
آن که جست و نیافت چِتوان کرد؟
эй муназзаҳи сифотат аз авсоф
ای منزه صفاتت از اوصاف
Ҳарчӣ гӯям буд маҳолу газоф
هرچه گویم بود محال و گزاف
Нарасад дар камоли ту идрок
نرسد در کمال تو ادراک
Беш аз ин нест ҳали муштии хок
بیش از این نیست حل مشتی خاک
Ҳам ту гӯйӣ , ки гуяд аз ту дигар ?
هم تو گویی، که گوید از تو دگر؟
Нарасад дар ту ваҳму ақлу назар
نرسد در تو وهم و عقل و نظر
Нарасад дар сифоти зоти ту кас
نرسد در صفات ذات تو کس
Ту туоне расед дар худу бас
تو توانی رسید در خود و بس
Манаму қаъри баҳри ҳайронӣ
منم و قعر بحر حیرانی
Ман чаҳ гӯям дигар ту май доне
من چه گویم دگر تو می دانی
Лек нгзирд аз муноҷотам
لیک نگزیرد از مناجاتم
Чун ту бошӣ мҷиби дъўотм
چون تو باشی مجیب دعواتم
Вирди ин оҷизи шикастаи мудом
ورد این عاجز شکسته مدام
Бас буд зулҷалоли волокром
بس بود ذوالجلال والاکرام