Андешаи маргати зчаҳи бгдохти ҷигар
اندیشهٔ مرگت زچه بگداخت جگر
Тиби ту мизоҷ марг нашнохт магар
طبّ تو مزاج مرگ نشناخت مگر
Ингор ки нутфа Эй нияндохт падар
انگار که نطفه ای نینداخت پدر
Пиндор ки гулханӣ напардохт қадар
پندار که گلخنی نپرداخت قدَر
Андешаи маргати зчаҳи бгдохти ҷигар
اندیشهٔ مرگت زچه بگداخت جگر
Тиби ту мизоҷ марг нашнохт магар
طبّ تو مزاج مرگ نشناخت مگر
Ингор ки нутфа Эй нияндохт падар
انگار که نطفه ای نینداخت پدر
Пиндор ки гулханӣ напардохт қадар
پندار که گلخنی نپرداخت قدَر