Зон нури ду дида то шавам давр
هر دم ای یار ز تو می کشم آزار دگر
Шуд даври заҳри ду дидаам нур
چه کنم نیست به غیر تو مرا یار دگر
эй кишвари меҳр аз ту вайрон
جز تو دلدار دگر نیست و گر باشد نیست
эй хитта ӣ ҷавр аз ту маъмур
دل دیگر که دهم جز تو به دلدار دگر
То чанд ман ва рақиб бошем
هست ای یار جفاکار بسی یار اما
Бе ту мағмум ва бо ту масрур
همچو من نیست ترا یار وفادار دگر
Фарҳод ки кунад кӯҳ дар даҳр
خوبرویان همه هستند ستمکار ولی
Ширин ки фиканд дар ҷаҳони шӯр
به ستمکاری تو نیست ستمکار دگر
Дар ишқ чу ман набӯд шуҳра
گر بکوی توام ای بار گذر افتد باز
Дар ҳасан чу ту набӯд машҳур
تا بود عمر از آن کو نروم بار دگر
Ҷузи ҳарфи ту ҷузи шмоӣли ту
ناصح از عشق مکن منع من زار که هست
Ёрб ман хастаи ҷони маҳҷӯр
کار من عشق و جز این نیست مرا کار دگر
Гар бишинаваму бубинам эй моҳ
رود از گلشن کوی تو کجا، نیست رفیق
Гӯшами кари бод ва дидаам кӯр
عندلیبی که شود بلبل گلزار دگر