Шаб то ба рӯз бар сари Кувайт фиғон кунам
دل چیست تا به دست تو ای دلستان دهم
Шояд ки аз фиғони дили ту меҳрбон кунам
بخرام بر سرم که به پای تو جان دهم
Шуд достони ғамам ба ҷаҳони вази шарори ишқ
خون مرا بریز که در موقف حساب
Аз онкии достон ба ҷаҳонам ниҳон кунам
نتوانمت ز رشک به داور نشان دهم
Як мушти устихонаму шодами магари шабӣ
گر جان دهم به هجر از آن به که یار را
Зини устихони сегон туро миҳмон кунам
در بزم غیر بینم و از رشک جان دهم
Гарем ба ёди сарви қади глъзори хеш
نامهربان مباش به من آن قدر که دل
Чун дар чамани назора ӣ сарв чмон кунам
بستانم از تو و به مه مهربان دهم
Сӯзи дилам ба пеши ту равшан наме шавад
شرمنده از سگان ویم تا به کی رفیق
Худро агар чаҳ шамъи саропо забон кунам
شبها به ناله درد سر مردمان دهم