Чу ман аз ҳиҷри он Лайлии лаби ширин даҳан меРом
چو در کنار رقیبان ترا نظاره کنم
Ба дарди меҳнати маҷнӯну доғ кӯҳ кун меРом
کناره گر نکنم از برت چه چاره کنم
зи шавқи оризаш дар пои шамъи анҷумани сӯзам
ز رشک غیر کنم چون کناره از سر کویت (کذا)
Ба ёди қоматаш дар сояи сарв чаман меРом
بهر قدم که روم بازپس نظاره کنم
Ба шукри ханда ӣ ӯ ҷон ширин додам ва зон ба
غم من از مه بی مهر من بود به چه رو
Ки дар охир ба талхии давр аз он ширин даҳан меРом
شکایت از فلک و شکوه از ستاره کنم
Тбибои мардум аз дармонат аз ҷонам чаҳ май хоҳӣ
دمی که دست من ای گل بدامنت نرسد
Маро бигзор золим то ба дард хештан меРом
به آن رسد که گریبان ز غصه پاره کنم
Ба он болои маҳшари офарингар аз паии наъшам
مراست خواب به آن شب که بر سر کویت
Буруни ое қиёмат мешавад рӯзӣ ки ман меРом
ز خاک بستر و بالین ز سنگ خاره کنم
Ба ин сӯрат ки май байнами ман он кони латофат ро
شمار داغ دل خود رفیق بتوانم
Намирамгар зи ҳасани сӯрат аз лутф бадан меРом
ستاره های فلک را اگر شماره کنم