Дил на ҳамин май барад аз ман ҳасан

من نه در پیری ز هجر آن جوانم ناتوان

Шуҳра шаҳраст баҳри фани ҳасан

ناتوانند از فراق او بسی پیر و جوان

Аҳсан ваҷҳанд батон аз батон

با چنین رخسار زیبا و قد رعنا اگر

Ҳаст ба ваҷҳи ҳасани аҳсани ҳасан

در چمن گردد اگر یک روز آن سرو روان

Дар сифати хат ҳасан нозиласт

از رخش هم گل شود شرمنده و هم نسترن

Анбтаҳи аллоҳи нботои ҳасан

وز قدش هم سرو گردد منفعل هم ارغوان