эй сарви баланди қомати дӯст
ای سروِ بلند قامتِ دوست
Ваа ваа ки шамоилат чаҳ некӯаст
وه وه که شمایلت چه نیکوست
Дар пои латофат ту мерод
در پای لطافت تو میراد
Ҳар сарви сеӣ ки бар лаб ҷӯаст
هر سروِ سهی که بر لب جوست
Нозуки баданӣ ки ме нагунҷад
نازکبدنی که مینگنجد
Дар зери қабо чу ғунча дар пӯст
در زیر قبا چو غنچه در پوست
Маи пора ба бом агар барояд
مهپاره به بام اگر برآید
Ки фарқ кунад ки моҳ ё ӯст ?
که فرق کند، که ماه یا اوست؟
Он хирмани гул на гул ки боғ аст
آن خرمن گُل، نه گُل، که باغ است
На боғи Ирам ки боғ минӯаст
نه باغ ارم، که باغ مینوست
Он гӯии мънбрст дар ҷайб ?
آن گوی مُعَنْبَرست در جَیب؟
ё буии даҳон анбарин бӯаст ?
یا بوی دهانِ عنبرینبوست؟
Дар ҳалқаи сўлҷони зулфаш
در حلقهٔ صولَجان زلفش
Бечораи дили аўФтодаҳ чун гӯаст
بیچاره دل اوفتاده چون گوست
Май сӯзад ва ҳамчунон ҳаводор
میسوزد و همچنان هوادار
намемерад ва ҳамчунон дуъогӯаст
میمیرد و همچنان دعاگوست
Хӯни дили ошиқони муштоқ
خونِ دلِ عاشقانِ مشتاق
Дар гардани дидаи блоҷўст
در گردن دیدهٔ بلاجوست
Ман бандаи лаъибатони симин
من بندهٔ لعبتان سیمین
Кохри дили одамӣ на аз рӯаст
کآخر دل آدمی نه از روست
Бисёр маломатами бкрднд
بسیار ملامتم بکردند
Кандар пай ӯ Марв ки бдхўст
کاَندر پی او مَرو که بدخوست
эй сахти дилони сусти паймон
ای سختدلان سستپیمان!
Ин шарти вафо буд ки бе дӯст
این شرط وفا بوَد که بیدوست
Биншинаму сабри пеши гирам ?
بنشینم و صبر پیش گیرم؟
Дунболаи кори хеши гирам ?
دنبالهٔ کار خویش گیرم؟
Дар аҳди ту эйнигор дилбанд
در عهد تو ای نگار دلبند!
Баси аҳд ки башикананду савганд
بس عهد که بشکنند و سوگند
Дигар наравад ба ҳеҷ матлӯб
دیگر نرود به هیچ مطلوب
Хотир ки гирифт бо ту пайванд
خاطر که گرفت با تو پیوند
Аз пеши ту роҳ рафтанам нест
از پیشِ تو راهِ رفتنم نیست
Ҳамчун магас аз баробари қанд
همچون مگس از برابر قند
Ишқ омаду расми ақли бардошт
عشق آمد و رسم عقل برداشت
Шавқ омаду бех сабр барканд
شوق آمد و بیخِ صبر برکند
Дар ҳеҷ замона Эй назода сет
در هیچ زمانهای نزادهست
Модар ба ҷамол , чун ту фарзанд
مادر به جمال، چون تو فرزند
Бодаст насиҳати рафиқон
باد است نصیحتِ رفیقان
Вондўаҳи фироқи кӯҳи алванд
واندوهِ فراق، کوهِ الوند
Ман нестам ар касе дигар ҳаст
من نیستم ار کسی دگر هست
Аз дӯст ба ёд дӯст хурсанд
از دوست به یاد دوست خرسند
Ин ҷавр ки мебарем то кӣ ?
این جور که میبریم، تا کی؟
Венаи сабр ки мекунем то чанд ?
وین صبر که میکنیم، تا چند؟
Чун мурғ ба тамаъи дона дар дом
چون مرغ به طَمْعِ دانه در دام
Чун гург ба буии дунба дар банд
چون گرگ به بوی دنبه در بند
Афтодаму маслиҳати чунин буд
افتادم و مصلحت چنین بود
Бебанд нагирад одамии панд
بیبند، نگیرد آدمی پند
Мустуҷиби ин ва беш аз инам
مستوجب این و بیش از اینم
Бошад ки чу мардуми хирадманд
باشد که چو مردم خردمند
Биншинаму сабри пеши гирам
بنشینم و صبر پیش گیرم
Дунболаи кори хеши гирам
دنبالهٔ کار خویش گیرم
Имрӯз ҷафо намекунад кас
امروز جفا نمیکند کَس
Дар шаҳри магар ту мекунӣ бас
در شهر، مگر تو میکنی؛ بس؟
Дар доми ту ошиқони гирифтор
در دام تو عاشقان گرفتار
Дар банди ту дӯстони маҳбас
در بند تو دوستان مُحَبَّس
ё мҳрқтии бнори хад
یا مُحْرِقَتي بِنارِ خَدٍّ
Ман ҷмртҳои алсроҷи тқбс
مِنْ جَمْرَتِهَا السِّراجَ تَقْبَس
Субҳӣ ки машоми ҷони ушшоқ
صبحی که مشام جان عشاق
Хушбӯӣ кунад إзои танаффус
خوشبوی کند إِذا تَنَفَّس
أстқблаҳу إни тўлиٰ
أَسْتَقْبِلُهُ وَ إِنْ تَوَلّیٰ
أстأнсаҳу إни тъбс
أَسْتَأنِسُهُ وَ إِنْ تَعَبَّس
Андоми ту худ ҳарир чин аст
اندام تو خود حریر چین است
Дигар чаҳ кунӣ қабои атлас ?
دیگر چه کنی قبای اطلس؟
Ман дар ҳамаи қавлҳо фасеҳам
من در همه قولها فصیحم
Дар васфи шамоили ту أхрс
در وصف شمایل تو أَخْرَس
Ҷон дар қидмат кунам валикин
جان در قدَمت کنم ولیکن
Тарсам нанаҳй ту пой бар хас
ترسم ننهی تو پای بر خس
эй соҳиби ҳасан дар вафо кӯш
ای صاحب حُسن! در وفا کوش
Кин ҳасан вафо накард бо кас
کاین حُسن، وفا نکرد با کس
Охир ба закоти тандурустӣ
آخر به زکاتِ تندرستی
Фарёди дили шикастагони рас
فریادِ دلِ شکستگان رس
Ман баъд макун чунон каз ин пеш
مِنبعد مکن چنان کز این پیش
Варна ба худо ки ман аз ин пас
ورنه به خدا که من از این پس
Биншинаму сабри пеши гирам
بنشینم و صبر پیش گیرم
Дунболаи кори хеши гирам
دنبالهٔ کار خویش گیرم
Гуфтори хушу лабони борӣк
گفتار خوش و لبان باریک
Мо أтиби Фоки ҷли борӣк
ما أَطْیبَ فاک، جَلَّ باریک
Аз рӯй ту моҳи осмон ро
از روی تو ماه آسمان را
Шарм омад ва шуд ҳилоли борӣк
شرم آمد و شد هلالِ باریک
ё қотлтии басаеви лҳз
یا قاتِلَتي بِسَیْفِ لَحْظٍ
Валлоҳи қтлтнии бҳотик
واللّهِ قَتَلْتِنی بِهاتِیک
Аз баҳри худо , ки моликон , ҷавр
از بهر خدا، که مالکان، جور
Чандин накунанд бар ммолик
چندین نکنند بر مَمالیک
Шояд ки ба Подшаҳ бигӯянд
شاید که به پادشه بگویند
Тарк ту бирехт хӯни тоҷик
«تُرک تو بریخت خون تاجیک»
Доне ки чаҳ шаби гузашт бар ман ?
دانی که چه شب گذشت بر من؟
Лоиأти бмслҳои أъодик
لایأتِ بِمِثْلِها أَعادیک
Бо ӣнҳамагар ҳаёт бошад
با این همه گر حیات باشد
Ҳам рӯз шавад шубони торик
هم روز شود شبانِ تاریک
Фӣ алҷмлаҳ намонад сабру ором
فیالجمله نمانْد صبر و آرام
Кам тзҷрнӣ ва кам أдорик
کم تَزْجُرُنی و کم أُداریک
Дардо ки ба хира умр бигузашт
دردا که به خیره، عمر بگذشت
эй дили ту маро намегузорӣ к
ای دل! تو مرا نمیگذاری ک
Биншинаму сабри пеши гирам
بنشینم و صبر پیش گیرم
Дунболаи кори хеши гирам
دنبالهٔ کار خویش گیرم
Чашмӣ ки назар нигаҳ надорад
چشمی که نظر نگه ندارد
Баси фитна ки бо сари дили орад
بس فتنه که با سِرِ دل آرد
Оҳӯии каманди зулфи хубон
آهوی کمند زلف خوبان
Худро ба ҳалок ме сипорад
خود را به هلاک میسپارد
Фарёди зи дасти нақш , фарёд
فریاد ز دست نقش، فریاد
Ва он даст ки нақш ме нагорд
وآن دست که نقش مینگارد
Ҳарҷо ки мўлҳӣ чу Фарҳод
هر جا که مُوَلَّهی چو فرهاد
Ширин сифатӣ бирав гуморд
شیرینصفتی بَرو گمارد
Каси бори мшоҳдти нчинд
کس بار مشاهدت نچیند
То тухм муҷоҳидат нкорд
تا تخمِ مجاهدت نکارد
Нолидани ошиқони дилсӯз
نالیدن عاشقان دلسوز
Нопухтаи муҷоз май шуморад
ناپخته مَجاز میشمارد
Айбаш макунед ҳӯшмандон
عیبش مکنید هوشمندان!
Гар сӯхтаи хирмании бзорд
گر سوختهخرمنی، بزارد
Хорӣ чаҳ буд ба пои муштоқ ?
خاری چه بود به پای مشتاق؟
Теғяш барон ки сари нхорд
تیغیش بِران که سر نخارد
Ҳоҷат ба дар касеаст мо ро
حاجت به درِ کسیست ما را
Кови ҳоҷати кас наме гузорад
کاو حاجت کس نمیگزارد
Гӯйанд бирав зи пеши ҷавраш
گویند «برو ز پیش جورش»
Ман май рӯм ӯ наме гузорад
من میروم، او نمیگذارد
Ман худ на ба ихтиёри хешам
من خود نه به اختیار خویشم
Гар дасти з доманам бидорад
گر دست ز دامنم بدارد
Биншинаму сабри пеши гирам
بنشینم و صبر پیش گیرم
Дунболаи кори хеши гирам
دنبالهٔ کار خویش گیرم
Баъд аз талаби ту дар серум нест
بعد از طلبِ تو در سرم نیست
Ғайр аз ту ба хотир андарам нест
غیر از تو به خاطر اندرم نیست
Раҳ менадиҳӣ ки пешат оем
ره میندهی که پیشت آیم
Вази пеши ту раҳ ки бигузарам нест
وز پیش تو ره که بگذرم نیست
Ман мурғи забуни доми инсам
من مرغِ زبونِ دامِ اُنسم
Ҳарчанд ки май кашӣ пурм нест
هر چند که میکشی پَرم نیست
Гар чун ту парӣ дар одамизод
گر چون تو پری در آدمیزاد
Гӯйанд ки ҳаст , боварам нест
گویند که «هست»، باورم نیست
Меҳр аз ҳама халқ барграфтам
مهر از همه خلق برگرفتم
Ҷузи ёди ту дар тасаввурам нест
جز یاد تو در تصورم نیست
Гӯйанд бакӯш то биёбӣ
گویند «بکوش تا بیابی»
намекӯшаму бахт ёварам нест
میکوشم و بخت یاورم نیست
Қисмӣ ки маро наёфариданд
قِسمی که مرا نیافریدند
Гар ҷаҳд кунам месерум нест
گر جهد کنم، میسرم نیست
эй коши маро назар набӯдӣ
ای کاش مرا نظر نبودی
Чун ҳаззи назар баробарам нест
چون حَظِّ نظر، برابرم نیست
Фикрам ба ҳама ҷаҳон бигардед
فکرم به همه جهان بگردید
Вази гӯшаи сабр беҳтарам нест
وز گوشهٔ صبر، بهترم نیست
Бо бахт , ҷадал наметавон кард
با بخت، جدل نمیتوان کرد
Акнӯн ки тариқ дигарам нест
اکنون که طریق دیگرم نیست
Биншинаму сабри пеши гирам
بنشینم و صبر پیش گیرم
Дунболаи кори хеши гирам
دنبالهٔ کار خویش گیرم
эй дил на ҳазор аҳд кардӣ ?
ای دل! نَه هزار عهد کردی؟
Кандар талаб ҳаво нагардӣ ?
کاندر طلب هوا نگردی؟
Касро чаҳ гунаҳ ? ту хештан ро
کس را چه گنه؟ تو خویشتن را
Бар теғ задӣ ва захм хӯрдӣ
بر تیغ زدی و زخم خوردی
Дидӣ ки чигуна ҳосил омад
دیدی که چگونه حاصل آمد
Аз даъвии ишқ рӯй зардӣ ?
از دعوی عشق، رویزردی؟
ё дили бунаӣ ба ҷавру бедод
یا دل بنهی به جور و بیداد
ё қисса ишқ дарнавардӣ
یا قصهٔ عشق درنوردی
эй сими тани сиёҳи гесу
ای سیمتنِ سیاهگیسو!
Каз фикри серум сипед кардӣ
کز فکر، سرم سپید کردی
Бисёр сияҳ , сипед карда сет
بسیار سیه، سپید کردهست
Даврони сипеҳри лоҷувардӣ
دورانِ سپهرِ لاجوردی
Сулҳаст миёни куфру ислом
صلح است میان کفر و اسلام
Бо мо ту ҳануз дар набардӣ
با ما تو هنوز در نبردی
Сар беш гарон макун , ки кардем
سر بیش گران مکن، که کردیم
Иқрор ба бандагӣу хурдӣ
اقرار به بندگی و خُردی
Бо дард туам хушаст азирок
با درد توام خوشست ازیراک
Ҳам дардӣ ва ҳам давои дардӣ
هم دردی و هم دوای دردی
Гуфтӣ ки сабур бош , ҳайҳот
گفتی که «صبور باش»، هیهات
Дили мавзеи сабр буду барадӣ
دل موضع صبر بود و بردی
Ҳам чора таҳаммуласту таслим
هم چاره، تَحَمُّل است و تسلیم
Варна ба кадоми ҷаҳду мардӣ ! ?
ورنه به کدام جهد و مَردی
Биншинаму сабри пеши гирам ?
بنشینم و صبر پیش گیرم
Дунболаи кори хеши гирам ?
دنبالهٔ کار خویش گیرم؟
Бигузашт ва нигаҳ накард бо ман
بگذشت و نگه نکرد با من
Дар пои кашон , зи кибри доман
در پایکشان، ز کبر، دامن
Ду наргиси масти ним хобаш
دو نرگسِ مستِ نیمخوابش
Дар пеш ва ба ҳасрат аз қафои ман
در پیش و به حسرت از قفا من
эй қиблаи дӯстони муштоқ
ای قبلهٔ دوستان مشتاق!
Гар бо ҳама он кунӣ ки бо ман
گر با همه آن کنی که با من
Бисёр касон ки ҷони ширин
بسیار کسان که جانِ شیرین
Дар пои ту резади авлои ман
در پای تو ریزد، اولا من
Гуфтам ки шикоятӣ бихонам
گفتم که شکایتی بخوانم
Аз дасти ту пеши подшои ман
از دست تو پیش پادشا من
Кин сахти дилӣу сусти Меҳрӣ
کاین سختدلی و سستمهری
Ҷурм аз тарафи ту буд ё ман ?
جرم از طرف تو بود یا من؟
Дидам ки на шарти меҳрбонии сет
دیدم که نه شرط مهربانیست
Гар бонг барорам аз ҷафои ман
گر بانگ برآرم از جفا من
Гар сар баравад фидои поят
گر سر برود، فدای پایت
Даст аз ту намекунам раҳои ман
دست از تو نمیکنم رها من
Ҷузи васли туами ҳароми бодо
جز وصل توام حرام بادا
Ҳоҷат ки бихоҳам аз худои ман
حاجت که بخواهم از خدا من
Гўиндми азу назар бипарҳез
گویندم «ازو نظر بپرهیز»
Парҳез надонам аз қазои ман
پرهیز ندانم از قضا من
Ҳаргиз нашунидае ки ёрӣ
هرگز نشنیدهای که یاری
Бе ёри сабур буд то ман
بییار، صبور بود تا من
Биншинаму сабри пеши гирам
بنشینم و صبر پیش گیرم
Дунболаи кори хеши гирам
دنبالهٔ کار خویش گیرم
эй рӯй ту офтоби олам
ای روی تو آفتابِ عالم!
Ангушт намой оли одам
انگشتنمای آلِ آدم!
Эҳёии равони мурдагон ро
احیای روان مردگان را
Бӯяти нафаси Масеҳи Марям
بویت نفسِ مسیحِ مریم
Бар ҷони азизати офарини бод
بر جان عزیزت آفرین باد
Бар ҷисми шарифати исми аъзам
بر جسمِ شریفت اسم اعظم
Маҳбӯби манӣ чу дидаи рост
محبوب منی چو دیدهٔ راست
эй сарви равон ба абрӯии хам
ای سرو روان به ابروی خم!
Дастон ки ту дорӣ эй парӣ рӯй
دستان، که تو داری ای پریروی!
Баси дили бабрӣ ба кафу мъсм
بس دل ببری به کَفّ و مِعْصَم
Танҳо на манам асири ишқат
تنها نه منم اسیر عشقت
Халқии мтъшқнд ва ман ҳам
خلقی مُتَعَشِّقند و من هم
Ширини ҷаҳони туе ба таҳқиқ
شیرینِ جهان تویی به تحقیق
Бигзор ҳадиси мо тақаддум
بگذار حدیث ما تَقَدَّم
Хубят мусалламаст ва мо ро
خوبیت مُسَلَّمست و ما را
Сабр аз ту намешавад мусаллам
صبر از تو نمیشود مُسَلَّم
Ту аҳди вафои худ шикастӣ
تو عهد وفایِ خود شکستی
Вази ҷониби мо ҳануз муҳкам
وز جانب ما، هنوز محکم
Магузор ки хастагон бимиранд
مگذار که خستگان بمیرند
Давр аз ту ба интизори марҳам
دور از تو به انتظار مرهم
Бе мо ту ба сари барии ҳамаи умр
بیما تو به سر بَری همه عمر
Ман бе ту гумон мабар ки як дам
من بیتو گمان مبر که یکدم
Биншинаму сабри пеши гирам
بنشینم و صبر پیش گیرم
Дунболаи кори хеши гирам
دنبالهٔ کار خویش گیرم
Гулро мабаред пеши ман ном
گل را مبرید پیش من نام
Бо ҳасани вуҷӯди он гули андом
با حُسن وجود آن گلاندام
Ангушт намой халқ будем
انگشتنمای خلق بودیم
Монанди ҳилол аз он маи том
مانند هلال از آن مهِ تام
Бар мо ҳамаи айб ҳо бигуфтанд
بر ما همه عیبها بگفتند
ё қавми إлии мтиٰу ҳтом ?
«یا قومُ إلی مَتیٰ و حَتّام؟»
Мо худ задаем ҷом бар санг
ما خود زدهایم جام بر سنگ
Дигар мазанед санг бар ҷом
دیگر مزنید سنگ بر جام
Охири нигаҳӣ ба сӯй мо кун
آخر نگهی به سوی ما کن
эй давлати хосу ҳасрати ом
ای دولت خاص و حسرت عام!
Бас дар талаби ту деги савдо
بس در طلب تو دیگ سودا
Пухтем ва ҳануз кори мо хом
پختیم و هنوز کار ما خام
Дармони асири ишқ , сабраст
درمانِ اسیرِ عشق، صبرست
То худ ба куҷо расад саранҷом
تا خود به کجا رسد سرانجام
Ман дар қадами ту хоки бодам
من در قدم تو خاک بادم
Бошад ки ту бар серум наҳй гом
باشد که تو بر سرم نهی گام
Давр аз ту шикеб чанд бошад ?
دور از تو شکیب چند باشد؟
Мумкин нашавад бар оташи ором
ممکن نشود بر آتش آرام
Дар доми ғамат чу мурғи ваҳшӣ
در دام غمت چو مرغِ وحشی
Май печам ва сахт мешавад дом
میپیچم و سخت میشود دام
Ман бе ту на розӣами валикин
من بیتو نه راضیم ولیکن
Чун ком наме диҳӣ ба ноком
چون کام نمیدهی به ناکام
Биншинаму сабри пеши гирам
بنشینم و صبر پیش گیرم
Дунболаи кори хеши гирам
دنبالهٔ کار خویش گیرم
эй зулфи ту ҳар хамии камандӣ
ای زلف تو هر خمی کمندی!
Чашмат ба киришмаи чашми бандӣ
چشمت به کرشمه، چشمبندی!
Мхроми бад-ӣни сифати мабодо
مَخرام بدین صفت، مبادا
Каз чашм бадат расад газандӣ
کز چشم بدت رسد گزندی
эй оинаи эминӣ ки ногоҳ
ای آینه! ایمنی که ناگاه
Дар ту расад оҳи дардмандӣ ?
در تو رسد آه دردمندی؟
ё чеҳра бапуш ё бисӯзон
یا چهره بپوش یا بسوزان
Бар рӯй чу оташати сапандӣ
بر روی چو آتشت، سپندی
Девонаи ишқат эй парӣ рӯй
دیوانهٔ عشقت ای پریروی!
Оқил нашавад ба ҳеҷ пандӣ
عاقل نشود به هیچ پندی
Талхаст даҳони айшам аз сабр
تلخست دهان عیشم از صبر
эй танги шукр , биор қандӣ
ای تَنگِ شکر! بیار قندی
эй сарв ба қоматаш чаҳ Монӣ ?
ای سرو! به قامتش چه مانی؟
Зебост вале на ҳар баландӣ
زیباست ولی نه هر بلندی
Гарем ба умеду дшмнонм
گِریم به امید و دشمنانم
Бар гиря зананд решхандӣ
بر گریه زنند ریشخندی
Коҷии зи дирами даромадии дӯст
کاجی ز درم درآمدی دوست
То дидаи душманони бикунадӣ
تا دیدهٔ دشمنان بِکندی
Ёрб чаҳ шудӣ агар ба раҳмат
یا رب! چه شدی اگر به رحمت
Бории сӯии мо назар фикандӣ ?
باری سوی ما نظر فکندی؟
Як чанд ба хира умр бигузашт
یک چند به خیره، عمر بگذشت
Ман баъд бар он серум ки чанде
مِن بعد بر آن سرم که چندی
Биншинаму сабри пеши гирам
بنشینم و صبر پیش گیرم
Дунболаи кори хеши гирам
دنبالهٔ کار خویش گیرم
Оё ки ба лаб расед ҷонам
آیا که به لب رسید جانم
Оўх ки з даст шуд Аннанам
آوَخ که ز دست، شد عِنانم
Кас дид чу ман заъифи ҳаргиз
کس دید چو من ضعیف هرگز؟
Каз ҳастӣ хеш дар гумонам ?
کز هستی خویش در گمانم
Парвонаам аўФтону хезон
پروانهام اوفتان و خیزان
Як бора бисӯз ва вораҳонам
یک باره بسوز و وارهانم
Гар лутф кунӣ биҷои инам
گر لطف کنی به جای اینم
Вар ҷавр кунӣ сазои онам
ور جور کنی سزای آنم
Ҷузи нақш ту нест дар замирам
جز نقش تو نیست در ضمیرم
Ҷузи ном ту нест бар забонам
جز نام تو نیست بر زبانم
Гар талх кунӣ ба даврем айш
گر تلخ کنی به دوریم عیش
Ёдат чу шукр кунад даҳонам
یادت چو شِکر کُند دهانم
Асрори ту пеш кас нагӯям
اسرار تو پیش کس نگویم
Авсофи ту пеш кас нахонам
اوصاف تو پیش کس نخوانم
Бо дарди ту ёварӣ надорам
با درد تو یاوری ندارم
Вази дасти ту мухлисӣ надонам
وز دست تو مَخْلَصی ندانم
Оқил биҷаҳад зи пеши шамшер
عاقل بِجهد ز پیشِ شمشیر
Ман куштаи сар бар остонам
من کشتهٔ سر بر آستانم
Чун дар ту наме тавон расӣдан
چون در تو نمیتوان رسیدن
Ба зон набӯд ки то тавонам
به زآن نبوَد که تا توانم
Биншинаму сабри пеши гирам
بنشینم و صبر پیش گیرم
Дунболаи кори хеши гирам
دنبالهٔ کار خویش گیرم
Он барг гуласт ё биногваш ?
آن برگ گلست یا بناگوش؟
ё сабза ба гирди чашмаи нӯш ?
یا سبزه به گِرد چشمهٔ نوش؟
Даст чу манӣ қиёма бошад
دست چو منی قیامه باشد
Бо қомат чун туе дар оғӯш
با قامت چون تویی در آغوش
Ман моҳ надидаам каллаи дор
من ماه ندیدهام کُلَهدار
Ман сарв надидаам қбопўш
من سرو ندیدهام قباپوش
Ваз рафтан ва омадан чаҳ гӯям ?
وز رفتن و آمدن چه گویم؟
Май оради ваҷд ва май баради ҳуш
میآرد وَجد و میبرد هوش
Рӯзии даҳанӣ ба ханда бикшод
روزی دهنی به خنده بگشاد
Писта , даҳан ту гуфт хомӯш
پسته، دهن تو گفت «خاموش»
Хотири паии зуҳд ва тавба ме рафт
خاطر پی زهد و توبه میرفت
Ишқ омад ва гуфт зарқ мафруш
عشق آمد و گفت «زَرق مفروش»
Мустағриқи ёдати он чунонам
مُسْتَغْرِق یادت آن چنانم
Кам ҳастӣ хеш шуд фаромӯш
کم هستی خویش شد فراموش
Ёрон ба насиҳатам чаҳ гӯйанд ?
یاران به نصیحتم چه گویند؟
Биншин ва сабур бошу мхрўш
«بنشین و صبور باش و مخروش»
эй хом , ман ин чунин бар оташ
ای خام! من این چنین بر آتش
Айбам макун ар бароварами ҷӯш
عیبم مکن ار برآورم جوش
То ҷаҳд буд ба ҷон бакӯшам
تا جهد بود به جان بکوشم
Вонгаҳ ба зарурат аз бен гӯш
وآن گه به ضرورت از بنِ گوش
Биншинаму сабри пеши гирам
بنشینم و صبر پیش گیرم
Дунболаи кори хеши гирам
دنبالهٔ کار خویش گیرم
Тоқат барисед ва ҳам бигуфтам
طاقت برسید و هم بگفتم
Ишқат ки з халқ ме наҳафтум
عشقت که ز خلق مینهفتم
Тоқами зи фироқу сабру ором
طاقم ز فراق و صبر و آرام
Зони рӯз ки бо ғами ту ҷуфтам
زآن روز که با غم تو جفتم
Оҳанги дарози шаби з ман пресс
آهنگ درازِ شب ز من پرس
Каз фурқати ту дамии нхФтм
کز فُرقت تو دمی نخفتم
Бар ҳар мижаи қатрае чу алмос
بر هر مژه قطرهای چو الماس
Дорам ки ба гиряи санги сифтам
دارم که به گریه سنگ سُفتم
Гар кушта шавам аҷаб мадоред
گر کشته شوم عجب مدارید
Ман худ зи ҳаёт дар шигифтам
من خود ز حیات در شگفتم
Тақдири дарин миёнами андохт
تقدیر درین میانم انداخت
Чандон ки канора ме гирифтам
چندان که کناره میگرفتم
Дай бар сари кӯии дӯсти лухтӣ
دی بر سر کوی دوست لَختی
Хоки қадамаш ба дида рафтам
خاکِ قدمش به دیده رُفتم
На хўортрми з хок бигзор
نه خوارترم ز خاک، بگذار
То дар қадами азизаши уфтам
تا در قدم عزیزش اُفتم
Зонгаҳ ки бирафтӣ аз канорам
زآن گه که برفتی از کنارم
Сабр аз дил риш гуфт рафтам
صبر از دل ریش گفت «رفتم»
намерафт ва ба кибр ва ноз ме гуфт
میرفت و به کبر و ناز میگفت
Бе мо чаҳ кунӣ ? ба лоба гуфтам
«بیما چه کنی؟» به لابه گفتم
Биншинаму сабри пеши гирам
«بنشینم و صبر پیش گیرم
Дунболаи кори хеши гирам
دنبالهٔ کار خویش گیرم»
Борӣ бигузар ки дар фироқат
باری بگذر که در فراقت
Хӯн шуд дили риш аз иштиёқат
خون شد دل ریش از اشتیاقت
Бигушоӣ даҳан ки посухи талх
بگشای دهن که پاسخ تلخ
Гӯйӣ шукраст дар мазоқат
گویی شکرست در مذاقت
Дар куштаи хештан нигаҳ кун
در کشتهٔ خویشتن نگه کن
Рӯзӣ агар уфтад иттифоқат
روزی اگر افتد اتفاقت
Ту хандаи занон чу шамъу халқӣ
تو خندهزنان چو شمع و خلقی
Парвонаи сифат дар эҳтироқат
پروانهصفت در احتِراقت
Мо худ зи кадом хайл бошем
ما خود ز کدام خیل باشیم
То хайма занем дар всоқт ?
تا خیمه زنیم در وُثاقت؟
Мо ахтарати сбобтии влкн
مَا اخْتَرتُ صَبابَتی ولکن
Айнии ?назарет ва мо утоқат
عینی نَظَرَتْ و ما أَطاقَتْ
Баси дида ки шуд дар интизорат
بس دیده که شد در انتظارت
Дарё , ва намерасад ба соқат
دریا و نمیرسد به ساقت
Ту масти шаробу хоб ва мо ро
تو مست شراب و خواب و ما را
Бе хобии кишт дар тёқт
بیخوابی بکُشت در تِیاقت
На қудрат бо ту бӯданам ҳаст
نه قدرت با تو بودنم هست
На тоқати онкӣ дар фироқат
نه طاقت آن که در فراقت
Биншинаму сабри пеши гирам
بنشینم و صبر پیش گیرم
Дунболаи кори хеши гирам
دنبالهٔ کار خویش گیرم
Оўх ки чу рӯзгори баргашт
آوَخ که چو روزگار برگشت
Аз ман дилу сабру ёри баргашт
از من دل و صبر و یار برگشت
Баргаштан мо заруратӣ буд
برگشتن ما ضرورتی بود
Вони шӯх ба ихтиёри баргашт
وآن شوخ به اختیار برگشت
Парварда бидам ба рӯзгораш
پرورده بُدم به روزگارش
Ху кард ва чу рӯзгори баргашт
خو کرد و چو روزگار برگشت
Ғам низ чаҳ будӣ ар бирафтӣ
غم نیز چه بودی ار برفتی؟
Он рӯз ки ғмгсори баргашт
آن روز که غمگسار برگشت
Раҳмат кун агар шикастае ро
رحمت کن اگر شکستهای را
Сабр аз дил бе қарори баргашт
صبر از دل بیقرار برگشت
Узраши буна ар ба зери сангӣ
عذرش بنه ار به زیر سنگی
Саркӯфтае чу мори баргашт
سرکوفتهای چو مار برگشت
Зини баҳри амиқи ҷон ба дар барад
زین بحر عمیق جان به در برد
Он кас ки ҳам аз канори баргашт
آن کس که هم از کنار برگشت
Ман сокини хоки поки ишқам
من ساکن خاک پاک عشقم
Натавонам азин диёри баргашт
نتوانم ازین دیار برگشت
Бечорагӣаст чораи ишқ
بیچارگیست چارهٔ عشق
Доне чаҳ кунам чу ёри баргашт ?
دانی چه کنم چو یار برگشت؟
Биншинаму сабри пеши гирам
بنشینم و صبر پیش گیرم
Дунболаи кори хеши гирам
دنبالهٔ کار خویش گیرم
Ҳар дил ки ба ошиқӣ забун нест
هر دل که به عاشقی، زبون نیست
Дасти хуши рӯзгор дун нест
دستِ خوشِ روزگارِ دون نیست
Ҷузи дидаи шӯхи ошиқон ро
جز دیدهٔ شوخ عاشقان را
Бар чеҳраи давон , сиришк хӯн нест
بر چهره دوان، سرشکِ خون نیست
Кӯтаҳи назарӣ ба хилватам гуфт
کوتهنظری به خلوتم گفت
Савдо макун охират ҷунун нест
«سودا مکن، آخرت جنون نیست»
Гуфтам зи ту кӣ барояд ин дӯд
گفتم «ز تو کی برآید این دود
Кати оташи ғам дар андарун нест ?
کِت آتش غم در اندرون نیست؟»
Оқил донад ки нолаи зор
عاقل داند که نالهٔ زار
Аз сӯзиши синае бурун нест
از سوزش سینهای برون نیست
Таслим қазо шавад казин қайд
تسلیم قضا شود کزین قید
Касро ба халос , раҳнамӯн нест
کس را به خلاص، رهنمون نیست
Сабр ар накунам чаҳ чораи созам ?
صبر ار نکنم چه چاره سازم؟
Ороми дил аз яке фузун нест
آرام دل از یکی فزون نیست
Гар бикашад вагар муъоф дорад
گر بُکْشد و گر مُعاف دارد
Дар қабза ӯ чу ман забун нест
در قبضهٔ او چو من زبون نیست
Доне ба чаҳ монад оби чашмам ?
دانی به چه مانَد آب چشمم؟
Симоб , ки як дамаш сукӯн нест
سیماب، که یک دمش سکون نیست
Дар даҳр вафо набӯд ҳаргиз
در دهر وفا نبود هرگز
ё буд ва ба бахти мо кунун нест
یا بود و به بخت ما کنون نیست
Ҷони бархе рӯй ёр кардам
جان برخیِ روی یار کردم
Гуфтам магараш вафост чун нест
گفتم «مگرش وفاست»، چون نیست
Биншинаму сабри пеши гирам
بنشینم و صبر پیش گیرم
Дунболаи кори хеши гирам
دنبالهٔ کار خویش گیرم
Дар пои ту ҳарки сар нияндохт
در پای تو هر که سر نینداخت
Аз рӯй ту парда бар нияндохт
از روی تو پرده بر نینداخت
Дар ту нараседу пай ғалат кард
در تو نرسید و پی غلط کرد
Он мурғ ки бол ва пар нияндохт
آن مرغ که بال و پر نینداخت
Кас бо рух ту набохт асбӣ
کس با رخ تو نباخت اسبی
То ҷон чу пиёда дар нияндохт
تا جان چو پیاده در نینداخت
Нафузуд ғами ту равшаноӣ
نفزود غم تو روشنایی
Онро ки чу шамъ сар нияндохт
آن را که چو شمع سر نینداخت
Борат бикашам ки марди маънӣ
بارت بکشم که مرد معنی
Дар бохти сар ва сипар нияндохт
در باخت سر و سپر نینداخت
Ҷон доду дарун ба халқ нанамуд
جان داد و درون به خلق ننمود
Хӯн хӯрду сухан ба дар нияндохт
خون خورد و سخن به در نینداخت
Рӯзӣ гуфтам касе чу ман ҷон
روزی گفتم کسی چو من جان
Аз баҳри ту дар хатар нияндохт
از بهر تو در خطر نینداخت
Гуфто на , ки тири чашми мастам
گفتا «نه، که تیر چشم مستم
Сайд аз ту заъиф тар нияндохт
صید از تو ضعیفتر نینداخت»
Бо он ки ҳамаи назар дар ӯем
با آن که همه نظر در اویم
Рӯзии сӯии мо назар нияндохт
روزی سوی ما نظر نینداخت
Навмеди ним ки чашми Лутфӣ
نومید نیَم که چشمِ لطفی
Бар ман фиканд , ва гар нияндохт
بر من فِکَند؛ وگر نینداخت
Биншинаму сабри пеши гирам
بنشینم و صبر پیش گیرم
Дунболаи кори хеши гирам
دنبالهٔ کار خویش گیرم
эй бар ту қабои ҳасани чолок
ای بر تو قبای حُسن چالاک!
Сад перҳан аз муҳаббатати чок
صد پیرهن از محبتت چاک!
Пешат ба тавозуъаст гӯйӣ
پیشت به تواضعست گویی
Афтодани офтоб бар хок
افتادن آفتاب بر خاک
Мо хок шавем ва ҳам нагардад
ما خاک شویم و هم نگردد
Хок дарат аз ҷабини мо пок
خاک درت از جبین ما پاک
Меҳр аз ту тавон бурид ? ҳайҳот
مهر از تو توان برید؟ هیهات
Кас бар ту тавон гузид ? ҳошок
کس بر تو توان گزید؟ حاشاک
Аввал , дили бардаи бози пас даҳ
اول، دلِ برده باز پس ده
То даст бидорамат зи фитрок
تا دست بدارمت ز فِتراک
Баъд аз ту ба ҳеҷ кас надорам
بعد از تو به هیچ کس ندارم
Умед ва , з кас наёядам бок
امّید و زِ کس نیآیدم باک
Дард аз ҷиҳати ту айн доруаст
درد از جهت تو عین داروست
Заҳр аз қабл ту маҳзи тирёк
زهر از قِبَل تو محض تریاک
Савдои ту оташии ҷаҳони сӯз
سودای تو آتشی جهانسوز
Ҳиҷрони ту вартае хатарнок
هجران تو ورطهای خطرناک
Рӯй ту чаҳ ҷои саҳари Бобул ?
روی تو چه جای سحر بابِل؟
Мӯии ту чаҳ ҷои мори заҳҳок ?
موی تو چه جای مار ضحاک؟
Саъдии баси азин сухан , ки васфаш
سعدی! بس ازین سخن، که وصفش
Домани надиҳад ба дасти идрок
دامن ندهد به دستِ ادراک
Гирд арча басӣ ҳаво бигирад
گَرد ارچه بسی هوا بگیرد
Ҳаргиз нарасад ба гирди афлок
هرگز نرسد به گِردِ اَفلاک
Пои талаб аз равиш фурӯ монад
پای طلب از روش فرو ماند
Май байнам ва ҳила нест алок
میبینم و حیله نیست اِلّاک
Биншинаму сабри пеши гирам
بنشینم و صبر پیش گیرم
Дунболаи кори хеши гирам
دنبالهٔ کار خویش گیرم
эй чун лаби лаъли ту шукри не
ای چون لب لعل تو شکر نی
Бодом чу чашмат эй писари не
بادام چو چشمت ای پسر! نی
Ҷузи сӯии ту майли хотирам на
جز سوی تو میل خاطرم، نه
Ҷуз дар рухи ту марои назари не
جز در رخ تو مرا نظر نی
Хубони ҷаҳон ҳама бидидам
خوبان جهان همه بدیدم
Мисли ту ба чобукӣ дигар не
مثل تو به چابکی دگر نی
Перони ҷаҳон нишон надоданд
پیران جهان نشان ندادند
Чун ту дгарӣ ба ҳеҷ қарнӣ
چون تو دگری به هیچ قرنی
эй онкӣ ба боғи дилбарӣ бар
ای آن که به باغ دلبری بَر!
Чун қади хуши ту як шаҷари не
چون قد خوش تو یک شجر نی
Чандини шаҷари вафои нишондам
چندین شجر وفا نشاندم
Вази васли ту заррае самари не
وز وصل تو ذرهای ثمر نی
Овозаи ман з арш бигузашт
آوازهٔ من ز عرش بگذشت
Вази дарди дилами туро хабари не
وز درد دلم تو را خبر نی
Аз рафтан ман ғамат набошад
از رفتن من غمت نباشد
Аз омадан ту худ асари не
از آمدن تو خود اثر نی
Боз оем агар диҳии иҷозат
باز آیم اگر دهی اجازت
эй роҳати ҷони ман , вагар не
ای راحت جان من! وگر نی
Биншинаму сабри пеши гирам
بنشینم و صبر پیش گیرم
Дунболаи кори хеши гирам
دنبالهٔ کار خویش گیرم
Шуд мавсими сабзау тамошо
شد موسم سبزه و تماشا
Бархезу биё ба сӯии саҳро
برخیز و بیا به سوی صحرا
Кони фитна ки рӯй хуб дорад
کآن فتنه که روی خوب دارد
Ҳарҷо ки нишаст хост ғавғо
هر جا که نشست، خاست غوغا
Соҳиби назарӣ ки дид рӯйиш
صاحبنظری که دید رویش
Девонаи ишқи гашту шайдо
دیوانهٔ عشق گشت و شیدا
Доне накунад қабули ҳаргиз
دانی نکند قبول هرگز
Девонаи ҳадиси марди доно
دیوانه حدیث مردِ دانا
Чашм аз пай дидан ту дорам
چشم از پی دیدن تو دارم
Ман бе ту хасами канори дарё
من بیتو خَسَم کنار دریا
Аз ҷаври рақиб ту нанолам
از جور رقیب تو ننالم
Хораст нахусти бори хурмо
خارست نخُست بار خرما
Саъдии ғами дили наҳуфта май дор
سعدی غم دل نهفته میدار
То менашӯй зи ғайри расво
تا مینشوی ز غیر رسوا
Гуфтаст магари ҳасуд бо ту ?
گفتهست مگر حسود با تو؟
Зинҳори Марви азин пас онҷо
زنهار مرو ازین پس آنجا
Ман низ агарчӣ ношкибм
من نیز اگر چه ناشکیبم
Рӯзии ду барои маслиҳат ро
روزی دو برای مصلحت را
Биншинаму сабри пеши гирам
بنشینم و صبر پیش گیرم
Дунболаи кори хеши гирам
دنبالهٔ کار خویش گیرم
Брбўди ҷамолат эй маи нав
بِربود جمالت ای مه نو!
Аз моҳи шаби чаҳордаҳи зў
از ماه شب چهارده ضَو
Чун мегузарӣ бигӯ ба тоўс
چون میگذری بگو به طاوس
Гар ҷилваи кунон рӯй чунин рӯ
«گر جلوهکنان روی چنین رَو»
Гар лофи занӣ ки ман сабурам
گر لاف زنم که من صبورم
Баъд аз ту , ҳикоятаст ва машну
بعد از تو، حکایتست و مشنو
Дастии зи ғамати ниҳода бар дил
دستی ز غمت نهاده بر دل
Чашмии зи пяти фитода дар гӯ
چشمی ز پیت فتاده در گَو
ё аз дар ошиқони даруни ой
یا از در عاشقان درون آی
ё аз дили толибони буруни шӯ
یا از دل طالبان برون شو
Зини ҷавру таҳаккумат ғараз чист ?
زین جور و تَحَکُّمت غرض چیست؟
Бунёди вуҷӯд мо куну рӯ
بنیاد وجود ما کَن و رو
ё мтлФи мҳҷтӣу нафасӣ
یا مُتْلِفَ مُهْجَتی و نَفسی
Аллоҳи иқики маҳзари алсў
اللهُ یَقیکَ مَحْضَرَ السَّو
Бо ман чу ҷӯй надид маъшӯқ
با من چو جَویی ندید معشوق
Нагирифт ҳадиси ман ба як ҷӯ
نگرفت حدیث من به یک جَو
Гуфтам куҳанами мубин ки рӯзӣ
گفتم «کهنم مبین، که روزی
Бинӣ ки шавад ба хлътии нав
بینی، که شود به خلعتی نو
Дар сояи шоҳи осмони қадар
در سایهٔ شاهِ آسمانقدر
Маи талъати офтоби партав
مهطلعتِ آفتابپرتو
Вази лафзи ман ин ҳадиси ширин
وز لفظ من این حدیث شیرین
Гар менарасад ба гӯши хусрав
گر مینرسد به گوشِ خسرو
Биншинаму сабри пеши гирам
بنشینم و صبر پیش گیرم
Дунболаи кори хеши гирам
دنبالهٔ کار خویش گیرم