Сабо нафаҳот раҳмонӣаст коед
صبا نفحات رحمانیست کاید
зи шарқи рӯҳ ва аз вай хез зояд
ز شرق روح و از وی خیز زاید
Диҳад дар ҳар нафаси хайрии нишонат
دهد در هر نفس خیری نشانت
Ба никўӣӣ кашонад мӯи кшонт
به نیکوئی کشاند مو کشانت
Аз он боди сабои андари бишорат
از آن باد صبا اندر بشارت
зи кӯии дӯсти хезади венаи ишорат
ز کوی دوست خیزد وین اشارت
Гар ояд мужда ё пайғоми ҷонон
گر آید مژده یا پیغام جانان
Сабо гӯйанд онрои нуктаи донон
صبا گویند آنرا نکته دانان
Каз он рӯҳу равони трўиҳ бояд
کز آن روح و روان ترویح باید
зи номи дӯсти дил тафреҳ ёбад
ز نام دوست دل تفریح یابد
Чаҳ ҷои онкӣ зу пайғомӣ ояд
چه جای آنکه زو پیغامی آید
Бхосаҳи котиб ва анъомӣ ояд
بخاصه کاتب و انعامی آید
зи пайғомоти қаҳраш дил шавад шод
ز پیغامات قهرش دل شود شاد
Паёми лутф то чунаст кун ёд
پیام لطف تا چونست کن یاد
Касе ин нукта донад коҳил роз аст
کسی این نکته داند کاهل راز است
зи ишқаши сари бзонўӣ ниёз аст
ز عشقش سر بزانوی نیاز است
Бомед паёмӣ коед аз ёр
بامید پیامی کاید از یار
Сабоҳӣ шуд буд то субҳи бедор
صباحی شد بود تا صبح بیدار
Ту бишинав аз сафии сари сабо ро
تو بشنو از صفی سر صبا را
зи аҳли дарди ҷӯу сифати даво ро
ز اهل درد جو و صفت دوا را
Ки чамаши зи оташи дил ашкбор аст
که چمش ز آتش دل اشکبار است
Ҳамеша дар умед ва интизор аст
همیشه در امید و انتظار است
Шавад аз ҳар шимолии хуши хаёлаш
شود از هر شمالی خوش خیالش
Каз ӯ ояд магари буии висолаш
کز او آید مگر بوی وصالش
Чунин бигузашта умрии рӯзгораш
چنین بگذشته عمری روزگارش
Набӯдаи саргаҳии бишўри ёраш
نبوده سرگهی بیشور یارش
Ту аз боди сабои ғоФ аз онӣ
تو از باد صبا غاف از آنی
Ки андари тани з ишқат нест ҷонӣ
که اندر تن ز عشقت نیست جانی
Кят бӯдааст ҳаргизи интизорӣ
کیت بوده است هرگز انتظاری
Ки ояд муждаи ӣӣ аз глъзорӣ
که آید مژدهئی از گلعذاری
Диҳӣ бар муждагонии он хабар ро
دهی بر مژدگانی آن خبر را
Ҳаёт ва ҳастӣу дастору сар ро
حیات و هستی و دستار و سر را
Паём овар гузорад чун паёмаш
پیامآور گذارد چون پیامش
Агар шоҳӣ , кунӣ худро ғуломаш
اگر شاهی، کنی خود را غلامش
Вагар алломаи даҳрии диҳии гӯш
وگر علامه دهری دهی گوش
Чу пайғомаш шавад илмати фаромӯш
چو پیغامش شود علمت فراموش
Дарин будам ки шуд некӯи сафойӣ
درین بودم که شد نیکو صفایی
Сабоҳ алхиз зад боди сбоӣӣ
صباحالخیز زد باد صبائی
Хабар оварад коед ёрами имрӯз
خبر آورد کاید یارم امروز
Маро рӯзӣаст бо дилдорами имрӯз
مرا روزیست با دلدارم امروز
Суханҳо доштам рафт аз хаёлам
سخنها داشتم رفت از خیالم
зи пайғомаш кунун дар ваҷду ҳолам
ز پیغامش کنون در وجد و حالم