Сари Кувайт ба ҳамаи малик ҷаҳон нафурӯшам
سر کویت به همه ملک جهان نفروشم
Худ ҷаҳон чист ғаматро ба ҷинон нафурӯшам
خود جهان چیست غمت را به جنان نفروشم
Ман ки савдо зада зулфи парешони туам
من که سودا زدهٔ زلف پریشان توام
Як сари мӯии ту ҳаргиз ба ду кон нафурӯшам
یک سر موی تو هرگز به دو کان نفروشم
Бирав эй ақл ки ман мастам ва ту махмурӣ
برو ای عقل که من مستم و تو مخموری
Зар чаҳ бошад бирав эй хоҷа ба ҷон нафурӯшам
زر چه باشد برو ای خواجه به جان نفروشم
Дардии дарди ту ҷоно нафурӯшам ба даво
دُردی درد تو جانا نفروشم به دوا
Ҷуръа май ба ҳамаи кун ва макон нафурӯшам
جرعهٔ می به همه کون و مکان نفروشم
Ҷон ва дил додаму ишқи ту харидам ба баҳо
جان و دل دادم و عشق تو خریدم به بها
Баҳри судаши нхридм ба зиён нафурӯшам
بهر سودش نخریدم به زیان نفروشم
Нақдӣ аз ганҷи ғами ишқи ту дар дил дорам
نقدی از گنج غم عشق تو در دل دارم
Ин чунин нақд ба сад ганҷ равон нафурӯшам
این چنین نقد به صد گنج روان نفروشم
Сайиди кӯии хароботу ҳарифи ишқам
سید کوی خرابات و حریف عشقم
Гӯшаи мамлакати худ ба ҷаҳон нафурӯшам
گوشهٔ مملکت خود به جهان نفروشم