Як шаб ки ашки ташнаи ифшоӣ роз нест
یک شب که اشک تشنه افشای راز نیست
Бидрдро гумон ки дилам дар гудоз нест
بیدرد را گمان که دلم در گداز نیست
Чун ишқ гарм шуд нашносад ҷавону пер
چون عشق گرم شد نشناسد جوان و پیر
Гулро ба базми шуълаи зхор имтиёз нест
گل را به بزم شعله زخار امتیاز نیست
Гар чашм ошиқаст казу ба шикофи гӯр
گر چشم عاشق است کزو به شکاف گور
Бар рӯй дили дарӣ ки зи захми ту боз нест
بر روی دل دری که ز زخم تو باز نیست