Маро аз суҳбати зоҳиди ғами дерина боз ояд

مرا از صحبت زاهد غم دیرینه باز آید

Дили соғари пурситам аз шаби одина боз ояд

دل ساغر پرستم از شب آدینه باز آید

зи парҳези тамошои ту кораш рафтааст аз даст

ز پرهیز تماشای تو کارش رفته است از دست

Нигоҳӣ кун ки ҷонӣ дар тани ойӣна боз ояд

نگاهی کن که جانی در تن آیینه باز آید