Маро май бинӣ ва ҳар дам зиёдат мекунӣ дардам
مرا میبینی و هر دَم زیادَت میکنی دَردَم
Туро май байнам ва мелам зиёдат мешавад ҳар дам
تو را میبینم و میلم زیادَت میشود هر دَم
Ба сомонам наме пурсӣ , намедонам чаҳ сари дорӣ
به سامانم نمیپرسی، نمیدانم چه سر داری
Ба дармонам намекӯшӣ , наме донеи магари дардам ?
به درمانم نمیکوشی، نمیدانی مگر دردم؟
На роҳаст ин ки бигзорӣ маро бар хок ва бигурезӣ
نه راه است این که بُگذاری مرا بر خاک و بُگریزی
Гузорӣ ор ва бозам пресс то хоки раҳати гирдам
گُذاری آر و بازم پرس تا خاکِ رَهَت گردم
Надорам дастат аз доман , ба ҷуз дар хок ва он дами ҳам
ندارم دستت از دامن، به جز در خاک و آن دَم هَم
Ки бар хоками равон гардӣ бигирад доманати гирдам
که بر خاکم روان گَردی بگیرد دامنت گَردم
Фурӯ рафт аз ғами ишқати дамами дам май диҳӣ то кӣ ?
فرو رفت از غمِ عشقت دَمَم دَم میدهی تا کی؟
Дамор аз ман баровардӣ намегӯйӣ баровардам
دَمار از من برآوردی نمیگویی برآوردم
Шабии дилро ба торикии зи зулфати боз май ҷустам
شبی دل را به تاریکی ز زلفت باز میجُستم
Рахт медидаму ҷомии ҳилолӣ боз ме хӯрдам
رُخَت میدیدم و جامی هلالی باز میخوردم
Кашидам дар ?бирт ногоҳ ва шуд дар тоби гесуят
کشیدم در بَرَت ناگاه و شد در تابْ گیسویت
Ниҳодам бар лабати лаброу ҷону дил фидо кардам
نهادم بر لبت لب را و جان و دل فِدا کردم
Ту хуш мебош бо ҳофиз , бирав гӯи хасми ҷон май даҳ
تو خوش میباش با حافظ، برو گو خصم جان میده
Чу гармӣ аз ту май байнам , чаҳ бок аз хасми дами сардам
چو گرمی از تو میبینم، چه باک از خصمِ دَم سَردم