Бишинав ин не чун шикоят ме кунад
بشنو این نی چون شکایت میکند
Аз ҷудоиҳо ҳикоят ме кунад
از جداییها حکایت میکند
Каз Нитсаатон то маро бибрида анд
کز نِیِستان تا مرا بُبریدهاند
Дар нафирами мард ва зан нолида анд
در نفیرم مرد و زن نالیدهاند
Сина хоҳам шарҳаи шарҳа аз фироқ
سینه خواهم شَرحهشَرحه از فراق
То бигӯям шарҳи дарди иштиёқ
تا بگویم شرحِ دردِ اشتیاق
Ҳар касе кӯ давр монад аз асли хеш
هر کسی کو دور ماند از اصلِ خویش
Боз ҷӯяд рӯзгори васли хеш
باز جوید روزگارِ وصل خویش
Ман ба ҳар ҷамъиятӣ нолон шудам
من به هر جمعیّتی نالان شدم
Ҷуфти бдҳолону хуш ҳолон шудам
جفت بدحالان و خوشحالان شدم
Ҳар касе аз занн худ шуд ёри ман
هر کسی از ظّن خود شد یار من
Аз дарун ман наҷуст асрори ман
از درون من نجُست اسرار من
Сари ман аз нолаи ман давр нест
سرِّ من از نالهٔ من دور نیست
Лек чашму гӯшро он нур нест
لیک چشم و گوش را آن نور نیست
Тани зи ҷону ҷони зи тан мастур нест
تن ز جان و جان ز تن مستور نیست
Лек касро дид ҷон дастур нест
لیک کس را دیدِ جان دستور نیست
Оташаст ин бонг ноӣ ва нест бод
آتش است این بانگِ نای و نیست باد
Ҳар ки ин оташ надорад нест бод
هر که این آتش ندارد نیست باد
Оташ ишқаст кандар не фитод
آتش عشق است کاندر نی فتاد
Ҷӯшаш ишқаст кандар ме фитод
جوشش عشق است کاندر میْ فتاد
Неи ҳариф ҳар ки аз ёрӣ бурид
نِی حریف هر که از یاری بُرید
Пардаҳояш пардаҳои мо дарид
پردههایش پردههای ما درید
Ҳамчуи неи заҳрӣу трёқӣ ки дид
همچو نی زهری و تَریاقی که دید؟
Ҳамчуи неи дмсозу муштоқӣ ки дид
همچو نی دمساز و مشتاقی که دید؟
Неи ҳадиси роҳи пар хӯн ме кунад
نی حدیثِ راهِ پُر خون میکند
Қиссаҳои ишқ маҷнӯн ме кунад
قصّههای عشقِ مجنون میکند
Муҳаррами ин ҳуши ҷуз биҳуш нест
مَحرم این هوش جُز بیهوش نیست
Мари забонро муштарии ҷуз гӯш нест
مر زبان را مُشتری جز گوش نیست
Дар ғами мо рӯзҳо бегоҳ шуд
در غمِ ما روزها بیگاه شد
Рӯзҳо бо сӯзҳо ҳамроҳ шуд
روزها با سوزها همراه شد
Рӯзҳо гар рафт гӯи рӯ бок нест
روزها گر رفت، گو «رو، باک نیست»
Ту бимон эй он ки чун ту пок нест
تو بمان ای آنکه چون تو پاک نیست
Ҳар ки ҷузи моҳии зи обаш сайр шуд
هر که جز ماهی ز آبش سیر شد
Ҳарки бе рӯзӣаст рӯзаш дайр шуд
هر که بیروزیست، روزش دیر شد
Дар наёбади ҳоли пухтаи ҳеҷ хом
در نیابد حالِ پُخته هیچ خام
Пас сухани кӯтоҳ бояд вассалом
پس سخن کوتاه باید والسّلام
Банд бугсал бош озод эй писар
بندْ بگسل، باش آزاد، ای پسر!
Чанд бошӣ банди симу банди зар
چند باشی بند سیم و بند زر
Гар бирезӣ баҳрро дар кӯза Эй
گر بریزی بحر را در کوزهای
Чанд гунҷад ? қисмати як рӯза Эй
چند گنجد قسمتِ یک روزهای
Кӯза ӣ чашми ҳарисон пар нашуд
کوزهٔ چشم حریصان پُر نشد
То садаф қонеъ нашуд пар дар нашуд
تا صدف قانع نشد پُر دُر نشد
Ҳар киро ҷомаи зи ишқӣ чок шуд
هر که را جامه ز عشقی چاک شد
ӯ зи ҳирсу айби куллӣ пок шуд
او ز حرص و عیب، کُلّی پاک شد
Шод бош эй ишқи хуши савдои мо
شاد باش ای عشقِ خوشسودای ما
эй табиби ҷумлаи иллатҳои мо
ای طبیبِ جمله علّتهای ما
эй давои нихвату номӯси мо
ای دوای نَخوت و ناموس ما
эй ту афлотӯну ҷолинуси мо
ای تو افلاطون و جالینوس ما
Ҷисми хок аз ишқ бар афлок шуд
جسم خاک از عشق بر افلاک شد
Кӯҳ дар рақс омад ва чолок шуд
کوه در رقص آمد و چالاک شد
Ишқ , ҷон тавр омад ъошқо !
عشقْ جانِ طور آمد عاشقا!
Тавр , масту хари Мӯсои соъқо
طور مست و «خَرَّ مُوسیٰ صَعِقا»
Бо лаби дмсози худгар ҷФтмӣ
با لبِ دمسازِ خود گر جفتمی
Ҳамчуи неи ман гуфтанӣ ҳо гуфтамӣ
همچو نی من گفتنیها گفتمی
Ҳар ки ӯ аз ҳам забонӣ шуд ҷудо
هر که او از همزبانی شد جدا
Безабон шуд гарчи дорад сад наво
بیزبان شد گر چه دارد صد نوا
Чун ки гул рафт ва гулистон даргузашт
چون که گُل رفت و گلستان درگذشت
Нашнавӣ зони пас зи булбули саргузашт
نشنوی زآن پس ز بلبل سَرگذشت
Ҷумла маъшӯқасту ошиқи парда Эй
جمله معشوق است و عاشق پَردهای
Зинда маъшӯқасту ошиқи мурда Эй
زنده معشوق است و عاشق مردهای
Чун набошад ишқро пурвой ӯ
چون نباشد عشق را پروای او
ӯ чу мурғӣ монад бе пари вой ӯ
او چو مرغی ماند بی پَرْ وایِ او
Ман чигуна ҳуш дорам пеш ва пас
من چگونه هوش دارم پیش و پس
Чун набошад нури ёрами пеш ва пас
چون نباشد نورِ یارم پیش و پس؟
Ишқ хоҳад кин сухани берун буд
عشق خواهد کاین سخن بیرون بود
Оина ғаммоз набӯд чун буд
آینه غمّاز نبود، چون بود
Оинаи ти доне чаро ғаммоз нест
آینهت دانی چرا غمّاز نیست؟
Зон ки зангор аз Рахш мумтоз нест
زآن که زنگار از رخش مُمتاز نیست