Снмои ин чаҳ гумонаст фурудасти ҳақир

صنما این چه گمانست فرودست حقیر

То бад-ӣн ҳад макуну ҷони марои хори мгир

تا بدین حد مکن و جان مرا خوار مگیر

Кӯҳро ки кунад андари назари марди қазо

کوه را که کند اندر نظر مرد قضا

Коҳро кӯҳ кунад зоки алии аллоҳи исир

کاه را کوه کند ذاک علی الله یسیر

Хунаки он чашм ки гавҳари з хасӣ бишносад

خنک آن چشم که گوهر ز خسی بشناسد

Хунаки он қофилае ки будаш дӯсти хФир

خنک آن قافله‌ای که بودش دوست خفیر

Ҳокимӣ ҳар чаҳ ту номами бунаии хушнӯдам

حاکمی هر چه تو نامم بنهی خشنودم

Ҷони поки ту ки ҷон аз ту шакурасту шкир

جان پاک تو که جان از تو شکورست و شکیر

Моҳрогар ту ҳабаш ном наҳй саҷда кунад

ماه را گر تو حبش نام نهی سجده کند

Сарвро чанбар хуоне накунад ҳеҷ нафир

سرو را چنبر خوانی نکند هیچ نفیر

Зонк дашноми ту беҳтари зи саноҳои ҷаҳон

زانک دشنام تو بهتر ز ثناهای جهان

зи куҷои бонги сегону зи куҷои шери зӣир

ز کجا بانگ سگان و ز کجا شیر زئیر

эй ки бтоли ту беҳтари зи ҳамаи мштғлон

ای که بطال تو بهتر ز همه مشتغلان

Ҷузи ту ҷумла ҳама лост аз онеми фақир

جز تو جمله همه لا است از آنیم فقیر

Тоҷ заррин бидиҳу силии он ёри бихар

تاج زرین بده و سیلی آن یار بخر

Вар касе нашунӯд инро анмои анати нзир

ور کسی نشنود این را انما انت نذیر

Бар қафои ту чу бошад асари силии дӯст

بر قفای تو چو باشد اثر سیلی دوست

Бӯса ҳо ёбад рӯяти знигорон замир

بوسه‌ها یابد رویت ز نگاران ضمیر

Марди дунёи адамиро ҳашамии пиндорад

مرد دنیا عدمی را حشمی پندارد

Умр дар кори адам кӣ кунад эй дӯсти басир

عمر در کار عدم کی کند ای دوست بصیر

Рафт мардӣ ба табибӣ ба каллаи дарди шикам

رفت مردی به طبیبی به کله درد شکم

Гуфт ӯро ту чаҳ хӯрдӣ ки брстсти зҳир

گفت او را تو چه خوردی که برسته است زحیر

Бештари ранҷ ки ояд ҳама аз феъл гулӯаст

بیشتر رنج که آید همه از فعل گلوست

Гуфт ман сӯхта нон хӯрдам аз пасти фатир

گفت من سوخته نان خورده ام از پست فطیر

Гуфт сунқур бирав он кӯҳли азизӣ ба ман ор

گفت سنقر برو آن کحل عزیزی به من آر

Гуфт дарди шикаму кӯҳли хае шайхи кабӣр

گفت درد شکم و کحل خه ای شیخ کبیر

Гуфт то чашми ту мари сӯхтаро бишносад

گفت تا چشم تو مر سوخته را بشناسد

То нанӯшӣ ту дигар сӯхтае ним зрир

تا ننوشی تو دگر سوخته ای نیم ضریر

Нестро ҳаст гумони бардае аз зулмати чашм

نیست را هست گمان برده‌ای از ظلمت چشم

Чашмат аз хок дар шоҳ шавад хубу мунир

چشمت از خاک در شاه شود خوب و منیر

Ҳиллае шореҳи дилҳо ту бигӯ шарҳи ғазал

هله ای شارح دل‌ها تو بگو شرح غزل

Ман агар шарҳ кунам низ биринҷади дили мейр

من اگر شرح کنم نیز برنجد دل میر

Хониш
ғзл шморҳ 1090 — ъндлӣб