Агар гум гардад ин бедил аз он дилдори ҷўиидш
اگر گم گردد این بیدل از آن دلدار جوییدش
Вагар андррмди ошиқ ба кӯии ёри ҷўиидш
وگر اندررمد عاشق به کوی یار جوییدش
Вагар ин булбул ҷонам биппарад ногаҳон аз тан
وگر این بلبل جانم بپرد ناگهان از تن
Заҳри хории мпрсидш дар он гулзори ҷўиидш
زهر خاری مپرسیدش در آن گلزار جوییدش
Агар бемори ишқ ӯ шавад ёва аз ин маҷлис
اگر بیمار عشق او شود یاوه از این مجلس
Ба пеши наргиси бемори он айёри ҷўиидш
به پیش نرگس بیمار آن عیار جوییدش
Вагар сармасти дил рӯзӣ занад бар санги он шиша
وگر سرمست دل روزی زند بر سنگ آن شیشه
Ба майхонаи раведи он дам аз он хумори ҷўиидш
به میخانه روید آن دم از آن خمار جوییدش
Ҳар он ошиқ ки гум гардад ?ҳулло зинҳор ме гӯям
هر آن عاشق که گم گردد هلا زنهار میگویم
Бар хуршед барқ андоз бе зинҳори ҷўиидш
بر خورشید برق انداز بیزنهار جوییدش
Вагар дуздӣ занад нақбии бдздди рахти ошиқ ро
وگر دزدی زند نقبی بدزدد رخت عاشق را
Миёни турраи мишкӣни он таррори ҷўиидш
میان طره مشکین آن طرار جوییدش
Бути бедори пурфанро ки бедории з бахт ӯст
بت بیدار پرفن را که بیداری ز بخت اوست
Чунин хуфтаи нёбидши магари бедори ҷўиидш
چنین خفته نیابیدش مگر بیدار جوییدش
Бпрсидм ба кӯии дили зи перии ман аз он дилбар
بپرسیدم به کوی دل ز پیری من از آن دلبر
Ишорат кард он перам ки дар асрори ҷўиидш
اشارت کرد آن پیرم که در اسرار جوییدش
Бигуфтам перро биллоҳи тӯй асрор гуфт оре
بگفتم پیر را بالله توی اسرار گفت آری
Манам дарёии пургавҳар ба дрёбори ҷўиидш
منم دریای پرگوهر به دریابار جوییدش
Зиҳии гавҳар ки дарёро ба нури хеш пар дорад
زهی گوهر که دریا را به نور خویش پر دارد
Мусулмонони мусулмонон дар он анвори ҷўиидш
مسلمانان مسلمانان در آن انوار جوییدش
Чу Юсуфи шамси табризӣ ба бозор сафо омад
چو یوسف شمس تبریزی به بازار صفا آمد
Мари ихвони сафоро гӯ дар он бозори ҷўиидш
مر اخوان صفا را گو در آن بازار جوییدش