Ҳангом сабӯҳ омад эй мурғи сҳрхўонш

هنگام صبوح آمد ای مرغ سحرخوانش

Бо Зуҳраи дрои гӯйон дар ҳалқаи мастонаш

با زهره درآ گویان در حلقه مستانش

Ҳар ҷон ки буд муҳаррами бедори куниши он дам

هر جان که بود محرم بیدار کنش آن دم

Ваон кӯ набӯд муҳаррам то ҳашари бхсбонш

وان کو نبود محرم تا حشر بخسبانش

Май гӯи суханаши баста дар гӯши дили оҳиста

می‌گو سخنش بسته در گوش دل آهسته

То куфр ба пеши оради сад гавҳар емонаш

تا کفر به پیش آرد صد گوهر ایمانش

Як барқи зи ишқи шаҳ бар чарх занад ногуҳ

یک برق ز عشق شه بر چرخ زند ناگه

Оташ фитад андари ма барҳам занад арконаш

آتش فتد اندر مه برهم زند ارکانش

Он ҷо ки аноят ҳо бахшед вилоят ҳо

آن جا که عنایت‌ها بخشید ولایت‌ها

Он ҷо чаҳ занад кӯшиши он ҷо чаҳ буд дониш

آن جا چه زند کوشش آن جا چه بود دانش

Он ҷо ки назар бошад ҳар кор чу зар бошад

آن جا که نظر باشد هر کار چو زر باشد

Бе дасти баради чавгон ҳар гӯии зи майдонаш

بی‌دست برد چوگان هر گوی ز میدانش

Шамс алҳақ табризии кӯ ҳар дил бедил ро

شمس الحق تبریزی کو هر دل بی‌دل را

Май орад ва май орад то ҳазрати султонаш

می‌آرد و می‌آرد تا حضرت سلطانش

Хониш
ғзл шморҳ 1232 — ъндлӣб