Биёи биё ки тӯии шери шери шери масоф

بیا بیا که توی شیر شیر شیر مصاف

зи марғзори буруни оу саф ҳо бишкоф

ز مرغزار برون آ و صف‌ها بشکاف

Ба мадҳат онч бигӯянд нест ҳеҷ дурӯғ

به مدحت آنچ بگویند نیست هیچ دروغ

з ҳар чаҳ аз ту блоФнд содиқаст на лоф

ز هر چه از تو بلافند صادقست نه لاف

Аҷаб ки Крет дигар бибинад ин чашмам

عجب که کرت دیگر ببیند این چشمم

Ба салтанат ту нишаста мулӯк бар атроф

به سلطنت تو نشسته ملوک بر اطراف

Ту бар мақомаи хешии ваз онч гуфтам беш

تو بر مقامه خویشی وز آنچ گفتم بیش

Валек дидаи зи ҳиҷрат на равшанаст на соф

ولیک دیده ز هجرت نه روشنست نه صاف

Шуъоъи чеҳра ӯ худ ниҳон наме гардад

شعاع چهره او خود نهان نمی‌گردد

Бирав ту ғайрати бофандаи пардаҳо май боф

برو تو غیرت بافنده پرده‌ها می‌باف

Ту длФриби сифатҳои длФриби оре

تو دلفریب صفت‌های دلفریب آری

Валек оташи ман кӣ раҳо кунад авсоф

ولیک آتش من کی رها کند اوصاف

Чу ошиқон ба ҷаҳони ҷонҳо фидо карданд

چو عاشقان به جهان جان‌ها فدا کردند

Фидои бкрдми ҷонӣу ҷони ҷон ба масоф

فدا بکردم جانی و جان جان به مصاف

Агар чаҳ каъбаи иқболи ҷон ман бошад

اگر چه کعبه اقبال جان من باشد

Ҳазор каъбаи ҷонро бигард тести тавоф

هزار کعبه جان را بگرد تست طواف

Даҳон бибастаам аз роз чун ҷанини ғамам

دهان ببسته‌ام از راز چون جنین غمم

Ки кӯдакон ба шикам дар ғизо хуранд аз ноф

که کودکان به شکم در غذا خورند از ناف

Ту ақли ақлӣ ва ман масти пур?хитои туам

تو عقل عقلی و من مست پرخطای توام

?хитои маст буд пеши ақли ақли муъоф

خطای مست بود پیش عقل عقل معاف

Хумор бе ҳади ман баҳрҳои ме хоҳад

خمار بی‌حد من بحرهای می‌خواهد

Ки нест масти туро ратлҳоу ҷираи кафоф

که نیست مست تو را رطل‌ها و جره کفاف

Биҷуз ба ишқи ту ҷое дигар наме ганҷам

بجز به عشق تو جایی دگر نمی‌گنجم

Ки нест мавзеи симурғи ишқи ҷуз ки қоф

که نیست موضع سیمرغ عشق جز که قاف

На ошиқи дами хешам валек буии тест

نه عاشق دم خویشم ولیک بوی تست

Чу дами занами зи ғамат аз мат ва аз олоФ

چو دم زنم ز غمت از مت و از آلاف

На алиф гирад аҷзои ман ба ғайри ту дӯст

نه الف گیرد اجزای من به غیر تو دوست

Агар ҳазор бихонанд сӯраи аилоФ

اگر هزار بخوانند سوره ایلاف

Ба нури дидаи салаф бастаам ба ишқи рахт

به نور دیده سلف بسته‌ام به عشق رخت

Ки гӯш ман накушояд ба қиссаи аслоф

که گوش من نگشاید به قصه اسلاف

Манам камончаи наддофи шамси табризӣ

منم کمانچه نداف شمس تبریزی

Фитодаи оташ ӯ дар дукони ин наддоф

فتاده آتش او در دکان این نداف

Хониш
ғзл шморҳ 1306 — ъндлӣб