Соликони роҳро муҳаррам шудам

سالکان راه را محرم شدم

Сокинони қудсро ҳамдам шудам

ساکنان قدس را همدم شدم

Торамӣ дидам бурун аз шаш ҷиҳат

طارمی دیدم برون از شش جهت

Хоки гаштами фарши он торам шудам

خاک گشتم فرش آن طارم شدم

Хӯн шудам ҷӯшида дар рагҳои ишқ

خون شدم جوشیده در رگ‌های عشق

Дар ду чашми ошиқонаш нам шудам

در دو چشم عاشقانش نم شدم

Гуҳ чу исои ҷумлагии гаштами забон

گه چو عیسی جملگی گشتم زبان

Гуҳи дили хомӯш чун Марям шудам

گه دل خاموش چون مریم شدم

Онч аз исоу Марям ёва шуд

آنچ از عیسی و مریم یاوه شد

Гар маро бовар кунӣ он ҳам шудам

گر مرا باور کنی آن هم شدم

Пеши нштрҳои ишқи лами изл

پیش نشترهای عشق لم یزل

Захми гаштами сад раҳ ва марҳам шудам

زخم گشتم صد ره و مرهم شدم

Ҳар қадами ҳамроҳи ъзроӣил буд

هر قدم همراه عزرائیل بود

Ҷон мабодамгар аз ӯ дарҳам шудам

جان مبادم گر از او درهم شدم

Рӯ ба рӯ бо марг кардам ҳарб ҳо

رو به رو با مرگ کردم حرب‌ها

То зи айни марги ман хуррам шудам

تا ز عین مرگ من خرم شدم

Суст кардам танг ҳастиро тамом

سست کردم تنگ هستی را تمام

То ки бар зини бақо муҳкам шудам

تا که بر زین بقا محکم شدم

Бонг ноӣ лам изл бишинав зи ман

بانگ نای لم یزل بشنو ز من

Гар чу пушти чанги андар хам шудам

گر چو پشت چنگ اندر خم شدم

Рӯ намӯд аллоҳи аълами мари маро

رو نمود الله اعلم مر مرا

Куштаи аллоҳ ва пас аълам шудам

کشته الله و پس اعلم شدم

Иди Акбари шамси табризӣ буд

عید اکبر شمس تبریزی بود

Идро қурбонӣ аъзам шудам

عید را قربانی اعظم شدم

Хониш
ғзл шморҳ 1661 — ъндлӣб
ғзл шморҳ 1661 — нознӣн бозӣон