Бар он шудаи сети дилами котшии бгиронм

بر آن شده‌ست دلم کآتشی بگیرانم

Ки ҳар кӣ ӯ намурда пеши ту бмиронм

که هر کی او نمرد پیش تو بمیرانم

Камони ишқи бадарам ки то бидонади ақл

کمان عشق بدرم که تا بداند عقل

Ки беназираму султон бе нзиронм

که بی‌نظیرم و سلطان بی‌نظیرانم

Ки рафт дар назари ту ки беназир нашуд

که رفت در نظر تو که بی‌نظیر نشد

Мақоми ганҷ шудаи сети ин ниҳоди вайронам

مقام گنج شده‌ست این نهاد ویرانم

Ман аз куҷоу мубоҳоти салтанати зи куҷо

من از کجا و مباهات سلطنت ز کجا

Фақири фақраму афтодаи Фқиронм

فقیر فقرم و افتاده فقیرانم

Ман он касам ки ту номам наҳй наме донам

من آن کسم که تو نامم نهی نمی‌دانم

Чу ман асири туами пас амири миронм

چو من اسیر توام پس امیر میرانم

Ҷуз аз асирӣ ва мерай мақом дигар ҳаст

جز از اسیری و میری مقام دیگر هست

Чу ман фано шавам аз ҳар ду каси нФиронм

چو من فنا شوم از هر دو کس نفیرانم

Чу шаб бияёд мейру асир маҳв шаванд

چو شب بیاید میر و اسیر محو شوند

Асир ҳеҷ надонад ки аз асиронм

اسیر هیچ نداند که از اسیرانم

Ба хоби шаб гарав омад амӣрии мейрон

به خواب شب گرو آمد امیری میران

Чу ишқи ҳеҷ нхсбди зи ишқи гиронм

چو عشق هیچ نخسبد ز عشق گیرانم

Ба офтоби нигари подшоҳи як рӯзаи сет

به آفتاب نگر پادشاه یک روزه‌ست

Ҳамеи гудозади маи мунир каз вазиронам

همی‌گدازد مه نیز کز وزیرانم

Манам ки пухтаи ишқам на хому хоми тамаъ

منم که پخته عشقم نه خام و خام طمع

Худоӣ кард хамирӣ аз он хмиронм

خدای کرد خمیری از آن خمیرانم

Хмиркрдаҳи яздон куҷо бимонад хом

خمیرکرده یزدان کجا بماند خام

Хамирмояпазирам на аз Фтиронм

خمیرمایه پذیرم نه از فطیرانم

Фатир чун кунад ӯ Фотролсмўот аст

فطیر چون کند او فاطرالسموات است

Чу ахтарони самовот аз мниронм

چو اختران سماوات از منیرانم

Ту чанд ном наҳй хешро хамаш ме бош

تو چند نام نهی خویش را خمش می باش

Ки кӯдакӣаст ки гӯйӣ ки ман зи пиронм

که کودکی است که گویی که من ز پیرانم

Хониш
ғзл шморҳ 1746 — ъндлӣб