Рози ту фош мекунам сабр намонад беш аз ин

رازِ تو فاش می‌کنم صبر نماند بیش از این

Беш фалак намекашад дарди мароу неи замин

بیش فلک نمی‌کشد دردِ مرا و نی زمین

Ин дили ман чаҳ пурғамаст ваон дили ту чаҳ фориғ аст

این دلِ من چه پُرغم است وآن دلِ تو چه فارغ است

Он рухи ту чу хуби чини венаи рухи ман параст чин

آن رخِ تو چو خوب‌چین وین رخِ من پُرَست چین

То ки бисӯзад ин ҷаҳон чанд бисӯзад ин дилам

تا که بسوزد این جهان چند بسوزد این دلم

Чанд буд бетаи чунон чанд гуҳӣ буд чунин

چند بُوَد بُتا چُنان چَند گَهی بُوَد چِنین

Сари ҳазорсоларо мастам ва фош ме кунам

سِر هزارساله را مستم و فاش می‌کنم

Хоҳ бабанд дидаро хоҳи гшо ва хуш бибин

خواه ببند دیده را خواه گُشا و خوش ببین

Шӯри маро чу дид ма омад сӯии ман зи раҳ

شورِ مرا چو دید مَه آمد سوی من زِ رَه

Гуфт мадаи зи ман нишони ёри тўоим ва ҳамнишин

گفت مَده زِ من نشان یارِ توایم و همنشین

Хира бимонад ҷони ман дар рух ӯ дамӣ ва гуфт

خیره بِمانْد جانِ من در رخِ او دَمی و گفت

эй санами хуши хушин эй бути обу оташин

ای صَنم خوش خوشین، ای بُتِ آب و آتشین

эй рух ҷон физой ӯ баҳри худои ҳамон ҳамон

ای رُخِ جان فزای او بهرِ خدا همان همان

Мутриби дилрабои ман баҳри худои ҳамин ҳамин

مُطرب دلربای من بهرِ خدا همین همین

Ишқи туро чу мФршм об бизан бар оташам

عشق تو را چو مَفرَشَم آب بزن بر آتشم

эй маи ғайби он ҷаҳон дар табризи шамси дайн

ای مَهِ غیبِ آن جهان در تبریز شمسِ دین

Хониш
ғзл шморҳ 1831 — нознӣн бозӣон
ғзл шморҳ 1831 — ъндлӣб