Нанишинад оташам чу з ҳақ хост орзӯ

ننشیند آتشم چو ز حق خاست آرزو

Зини сӯ назар макун ки аз он ҷост орзӯ

زین سو نظر مکن که از آن جاست آرزو

Трдомнми мубин ки аз он баҳр тар шудам

تردامنم مبین که از آن بحر تر شدم

Гар гавҳарӣ бибин ки чаҳ дарёст орзӯ

گر گوهری ببین که چه دریاست آرزو

Шаст ҳақаст орзӯу рӯҳ моҳӣ аст

شست حق است آرزو و روح ماهی است

Сайёд ҷон фидост чаҳ зебост орзӯ

صیاد جان فداست چه زیباست آرزو

Чун ин ҷаҳон набӯд худо буд дар камол

چون این جهان نبود خدا بود در کمال

з овардан ман ва ту чаҳ май хости орзӯ

ز آوردن من و تو چه می‌خواست آرزو

Гар орзӯ кажаст дар ӯ ростӣ басӣ аст

گر آرزو کژ است در او راستی بسی است

Не каз кажӣ ва рост мубаррост орзӯ

نی کز کژی و راست مبراست آرزو

Он кони давлатӣ ки ниҳон шуд ба номи бад

آن کان دولتی که نهان شد به نام بد

Он чист каж нишин ва бигӯ рости орзӯ

آن چیست کژ نشین و بگو راست آرزو

Мӯрӣаст нақб карда миёни сарои ишқ

موری است نقب کرده میان سرای عشق

Ҳар чанд бепараст ва ба парвост орзӯ

هر چند بی‌پر است و به پرواست آرزو

Мӯраш магӯ зи ҷаҳли сулаймони вақт ӯ аст

مورش مگو ز جهل سلیمان وقت او است

Зеро ки тахт ва малик биёрост орзӯ

زیرا که تخت و ملک بیاراست آرزو

Бигушоӣ шамси муфаххари табризи ин гиреҳ

بگشای شمس مفخر تبریز این گره

Чизеаст кӯ на мост ва на ҷузи мости орзӯ

چیزی است کو نه ماست و نه جز ماست آرزو