То ки даромад ба боғи чеҳраи гулнори ту

تا که درآمد به باغ چهره گلنار تو

Аҳ ки чаҳ сӯзи афканд дар дили гули нори ту

اه که چه سوز افکند در دل گل نار تو

Дӯди дили лолаҳо зи оташи ҷони ранги ту

دود دل لاله‌ها ز آتش جان رنگ تو

Пушти бунафша ба хам аз кашиши бори ту

پشت بنفشه به خم از کشش بار تو

Ғунчаи гулзори ҷон рӯй туро ёд кард

غنچه گلزار جان روی تو را یاد کرد

Чашм чаҳ хуш баргушод бар ҳаваси хори ту

چشم چه خوش برگشاد بر هوس خار تو

Сӯсан теғӣ кашид хӯни саманро бирехт

سوسن تیغی کشید خون سمن را بریخت

Теғ ба сӯсан кӣ дод наргиси хӯни хори ту

تیغ به سوسن کی داد نرگس خون خوار تو

Бар мисли зоҳидии ҷумлаи чамани хушк буд

بر مثل زاهدان جمله چمن خشک بود

Мстк ва сарсабз шуд аз лаби хумори ту

مستک و سرسبز شد از لب خمار تو

Аз сари мастӣ ишқ гуфтам ёри манӣ

از سر مستی عشق گفتم یار منی

Вар на ҷузи аҳвал кӣ дид дар ду ҷаҳони ёри ту

ور نه جز احول کی دید در دو جهان یار تو

Бар дили ман хат туаст меҳри аласту балӣ

بر دل من خط توست مهر الست و بلی

Мункири он хат машав нак хату иқрори ту

منکر آن خط مشو نک خط و اقرار تو

Гӯшт куҷо монаду пӯст дар тани он кас ки ӯ

گوشت کجا ماند و پوست در تن آن کس که او

Рафт нмксўдўори сӯии нмксори ту

رفت نمکسودوار سوی نمکسار تو

Домани ту дил гирифт домани дил тан гирифт

دامن تو دل گرفت دامن دل تن گرفت

Ҳои аз ин каши макашҳои аз ин кори ту

های از این کش مکش‌های از این کار تو

Хусрави ҷони шамси дайни муфаххари табризён

خسرو جان شمس دین مفخر تبریزیان

Дар дили тани ишқи дил дар дили дилдори ту

در دل تن عشق دل در دل دلدار تو

Хониш
ғзл шморҳ 2242 — ъндлӣб