Он нафасӣ ки бохудии ёр чу хор оядат
آن نفسی که باخودی یار چو خار آیدت
Ваон нафасӣ ки бихўдии ёр чаҳ кор оядат
وان نفسی که بیخودی یار چه کار آیدت
Он нафасӣ ки бохудии худ ту шикори пашша Эй
آن نفسی که باخودی خود تو شکار پشهای
Ваон нафасӣ ки бихўдии пел шикор оядат
وان نفسی که بیخودی پیل شکار آیدت
Он нафасӣ ки бохудии бастаи абри ғусса Эй
آن نفسی که باخودی بستهٔ ابر غصهای
Ваон нафасӣ ки бихўдии ма ба канор оядат
وان نفسی که بیخودی مه به کنار آیدت
Он нафасӣ ки бохудии ёр канора ме кунад
آن نفسی که باخودی یار کناره میکند
Ваон нафасӣ ки бихўдии бода ёр оядат
وان نفسی که بیخودی بادهٔ یار آیدت
Он нафасӣ ки бохудии ҳамчуи хазони фусурда Эй
آن نفسی که باخودی همچو خزان فسردهای
Ваон нафасӣ ки бихўдии дай чу баҳор оядат
وان نفسی که بیخودی دی چو بهار آیدت
Ҷумла беқарорят аз талаби қарори тест
جملهٔ بیقراریت از طلب قرار توست
Толиб бе қарори шӯ то ки қарор оядат
طالب بیقرار شو تا که قرار آیدت
Ҷумлаи ногўоршт аз талаб гувориш аст
جملهٔ ناگوارشت از طلب گوارش است
Тарки гувориш ар кунӣ заҳр гўор оядат
ترک گوارش ار کنی زهر گوار آیدت
Ҷумла бемуродят аз талаби муроди тест
جملهٔ بیمرادیت از طلب مراد توست
Вар на ҳамаи муродҳо ҳамчу нисор оядат
ور نه همه مرادها همچو نثار آیدت
Ошиқи ҷаври ёри шӯи ошиқи меҳри ёри не
عاشق جور یار شو عاشق مهر یار نی
То кинигор нозгари ошиқ зор оядат
تا که نگار نازگر عاشق زار آیدت
Хусрави шарқи шамси дайн аз табриз чун расад
خسرو شرق شمس دین از تبریز چون رسد
Аз ма ва аз ситораҳо валлоҳ ор оядат
از مه و از ستارهها والله عار آیدت