Ҷону ҷаҳон чу рӯй ту дар ду ҷаҳони куҷо буд
جان و جهان چو روی تو در دو جهان کجا بود
Гар ту ситам кунӣ ба ҷон аз ту ситами раво буд
گر تو ستم کنی به جان از تو ستم روا بود
Чун ҳамаи сӯии нур тест кист дурӯ ба аҳди ту
چون همه سوی نور تست کیست دورو به عهد تو
Чун ҳамаи рӯи гирифтае рӯй дигар куҷо буд
چون همه رو گرفتهای روی دگر کجا بود
Онк бидид рӯй ту дар назараш чаҳ сард шуд
آنک بدید روی تو در نظرش چه سرد شد
Ганҷ ки дар замин буд моҳ ки дар само буд
گنج که در زمین بود ماه که در سما بود
Бо ту бараҳнаи хўштрми ҷомаи тан бурун кунам
با تو برهنه خوشترم جامه تن برون کنم
То ки канори лутфи ту ҷони марои қабо буд
تا که کنار لطف تو جان مرا قبا بود
Завқи ту зоҳидии баради ҷоми ту орифӣ кашад
ذوق تو زاهدی برد جام تو عارفی کشد
Васфи ту олимӣ кунад зоти ту мари маро буд
وصف تو عالمی کند ذات تو مر مرا بود
Ҳар ки ҳадис ҷон кунад бо рухи ту намоямаш
هر که حدیث جان کند با رخ تو نمایمش
Ишқи ту чун зумуррадӣ гарчи ки аждаҳо буд
عشق تو چون زمردی گرچه که اژدها بود
Ҳар ки Рахши чунин буд шоҳи ғулом ӯ шавад
هر که رخش چنین بود شاه غلام او شود
Гарчи ки бандае буд хосса ки дар ҳаво буд
گرچه که بندهای بود خاصه که در هوا بود
Ин дили пораи пораро пеши хаёли ту нуҳум
این دل پاره پاره را پیش خیال تو نهم
Гар сухан вафо кунад гӯям кин вафо буд
گر سخن وفا کند گویم کاین وفا بود
Чун дар моҷарои занами хонаи шаръ во шавад
چون در ماجرا زنم خانه شرع وا شود
Шоҳиди ман Рахш буд наргис ӯ гўо буд
شاهد من رخش بود نرگس او گوا بود
Аз табризи шамси дайн чунк маро нъм расад
از تبریز شمس دین چونک مرا نعم رسد
Ҷузи табризу шамси дайни ҷумлаи вуҷӯди ло буд
جز تبریز و شمس دین جمله وجود لا بود