Расми нави байн ки шаҳриёри ниҳод

رسم نو بین که شهریار نهاد

Қиблаи мони сӯии шаҳри ёри ниҳод

قبله مان سوی شهر یار نهاد

Нақди ушшоқро айёр набӯд

نقد عشاق را عیار نبود

ӯ зи кони карами айёри ниҳод

او ز کان کرم عیار نهاد

Гули Садбарги барги айши бсохт

گل صدبرگ برگ عیش بساخت

Рӯй сӯии бунафшаи зори ниҳод

روی سوی بنفشه زار نهاد

Ҳар киро чун бунафша дид дўто

هر که را چون بنفشه دید دوتا

Кард якто ва дар шумори ниҳод

کرد یکتا و در شمار نهاد

Бедилонро чу дил гирифт ба бар

بی دلان را چو دل گرفت به بر

Саракашонро чу сари хумори ниҳод

سرکشان را چو سر خمار نهاد

Мунтазир бошу чашм бар дар дор

منتظر باش و چشم بر در دار

Кӯи назарро дар интизори ниҳод

کو نظر را در انتظار نهاد

Ғам ӯро канори гир ки ғам

غم او را کنار گیر که غم

Рӯй бар рӯй ғмгсори ниҳод

روی بر روی غمگسار نهاد

Кас чаҳ донад ки гулшани рух ӯ

کس چه داند که گلشن رخ او

Бар дил бедилам чаҳ хори ниҳод

بر دل بی‌دلم چه خار نهاد

Аз дил бе дилами қарори мҷўӣ

از دل بی‌دلم قرار مجوی

Кандар ӯ дард бе қарори ниҳод

کاندر او درد بی‌قرار نهاد

Оҳӯони сайди чашм ӯ гаштанд

آهوان صید چشم او گشتند

Чунк рӯи ҷониби шикори ниҳод

چونک رو جانب شکار نهاد

Он зираи мӯӣ дар камони зи камӣн

آن زره موی در کمان ز کمین

Тирҳои зираи гузори ниҳод

تیرهای زره گذار نهاد

Хештанро чу дар канор гирифт

خویشتن را چو در کنار گرفت

Халқро давру барканори ниҳод

خلق را دور و برکنار نهاد

Раҳматаши оҳ ошиқон бишунид

رحمتش آه عاشقان بشنید

Оҳашонро баси эътибори ниҳод

آهشان را بس اعتبار نهاد

Дар ъаноёт хешашон бикашед

در عنایات خویششان بکشید

Ҷурмашонро ба ҷои кори ниҳод

جرمشان را به جای کار نهاد

Нури ушшоқи шамси табризӣ

نور عشاق شمس تبریزی

Нур дар дидаи шамси вори ниҳод

نور در دیده شمس وار نهاد

Хониш
ғзл шморҳ 967 — ъндлӣб