эй душмани ҷону ҷони ширин ки тӯй
ای دشمن جان و جان شیرین که توی
Нури Мӯсоу таври синин ки тӯй
نور موسی و طور سینین که توی
Ваии дӯст ки Зуҳра нест ҷонро ҳаргиз
وی دوست که زهره نیست جان را هرگز
То номи барад аз ту ба таъйин ки тӯй
تا نام برد از تو به تعیین که توی