Пер тариқат гуяд : он сари сар ҳақаст ва ин мардумони соҳиби асрор дар пеши каъбаи зоҳири бодияи мардуми хўорост ва дар пеши каъбаи ботини бодияи андӯҳу тимор

پیر طریقت گوید: آن سر سر حق است و این مردمان صاحب اسرار در پیش کعبه ظاهر بادیه مردم خواراست و در پیش کعبه باطن بادیه اندوه و تیمار

Олимӣ дар водии ишқи ту саргардон шуданд

عالمی در وادی عشق تو سرگردان شدند

То ки ёбад бар дар каъбаи қабулат бару бор

تا که یابد بر در کعبه قبولت بر و بار

Он каъбаи қибла мъомлтаст ва ин каъбаи қиблаи мшоҳдт ва он мӯҷиби мкошФти воин муқтазии маъонӣати он даргоҳи иззату азимат ва ин боргоҳи лутфу марҳамат

آن کعبه قبله معاملت است و این کعبه قبله مشاهدت و آن موجب مکاشفت واین مقتضی معانیت آن درگاه عزت و عظمت و این بارگاه لطف و مرحمت

Каз набошад қиблаи олами маро

کز نباشد قبله عالم مرا

Қиблаи ман кӯй маъшӯқасту бас

قبله من کوی معشوقست و بس

Дар зиёрати он каъбаи азору рдоء маълумаст ва дар зиёрати ин каъбаи азори тФриду рдоء таҷредаст эҳроми он лаббайк забонасту эҳроми ин безорӣ аз ҳар ду ҷаҳон аст

در زیارت آن کعبه ازار و رداء معلوم است و در زیارت این کعبه ازار تفرید و رداء تجرید است احرام آن لبیک زبان است و احرام این بیزاری از هر دو جهان است

Лаббайки ошиқон ба аз эҳроми ҳоҷён

لبیک عاشقان به از احرام حاجیان

Конӣаст сӯии каъба ва онаст сӯии дӯст

کانیست سوی کعبه و آنست سوی دوست

Каъбаи куҷо барам чаҳ барам роҳи бодия

کعبه کجا برم چه برم راه بادیه

Каъбааст кӯии дилбар ва қиблааст рӯй дӯст

کعبه است کوی دلبر و قبله است روی دوست

Бар шохи тараби ҳазор дастони тўоим

بر شاخ طرب هزار دستان توایم

Дилбаста бидон нағмаи дӯстони тўоим

دلبسته بدان نغمه دوستان توایم

Аз дасти мада ки зери дастони тўоим

از دست مده که زیر دستان توایم

Бигзор гуноҳи мо ки мисатони тўоим

بگذار گناه ما که مستان توایم

Дил зон хоҳам ки бар ту нагузинад кас

دل زان خواهم که بر تو نگزیند کس

Ҷон зон ки на зу бе ғами ишқи ту нафас

جان زان که نه زو بی غم عشق تو نفس

Тан зон ки ба ҷузи меҳр тўош нест ҳавас

تن زان که به جز مهر تواش نیست هوس

Чашм аз паии онкии худ туро бинаду бас

چشم از پی آنکه خود تو را بیند و بس