Чашми терм ба оби расонидаи об ро
چشم ترم به آب رسانیده آب را
Ҳоҷат нашуд ба рафтани дарёи саҳоб ро
حاجت نشد به رفتن دریا سحاب را
Васли туро збхти сияҳ чун талаб кунам
وصل تو را زبخت سیه چون طلب کنم
Аз шаб талаб накарда касе офтоб ро
از شب طلب نکرده کسی آفتاب را
Бар рағми ман буд ки ниқоби афканд ба рух
بر رغم من بود که نقاب افکند به رخ
Бояд кашид миннатӣ аз ман ниқоб ро
باید کشید منتی از من نقاب را
Мақсӯди дили зи гиря фано несту бас
مقصود دل ز گریه فنا نیست و بس
Аз захм нест гиря бар оташи кабоб ро
از زخم نیست گریه بر آتش کباب را
Мушкил агар ҷаҳони ҳазар аз ашк ман кунад
مشکل اگر جهان حذر از اشک من کند
Бимии з сайл нест сарои хароб ро
بیمی ز سیل نیست سرای خراب را
Гирами ғамам ба хоб гузорад чаҳ сони даҳум
گیرم غمم به خواب گذارد چه سان دهم
Ҷо дар ҳарими акси рухи ёри хоб ро
جا در حریم عکس رخ یار خواب را
Ҳаркас ки ошнои ту бегона нест
هرکس که آشنای تو بیگانه نیست
Бегонагии зи чашмам аз онаст хоб ро
بیگانگی ز چشمم از آن است خواب را