Ҳаргизи дили шикастаи мо шодмон набӯд

هرگز دل شکسته ما شادمان نبود

Ҷаври ту буд агар ситам осмон набӯд

جور تو بود اگر ستم آسمان نبود

Нақши ту дар замири нафас чун фурӯ барам

نقش تو در ضمیر نفس چون فرو برم

Ҳаргизи насими муҳаррами ин гулистон набӯд

هرگز نسیم محرم این گلستان نبود

Ҳарҷо ки буд мурғи дили мо асир буд

هرجا که بود مرغ دل ما اسیر بود

Фарқии миёнаи қафас ва ошён набӯд

فرقی میانه قفس و آشیان نبود

Шодам ки боди хокам аз он остонаи барад

شادم که باد خاکم از آن آستانه برد

Кин хоки тира дар хури он остон набӯд

کاین خاک تیره در خور آن آستان نبود

Барадии дил аз канорам ва ман хуши дилам ки дӯш

بردی دل از کنارم و من خوش دلم که دوش

Гуфтам ғами ту бо худу дил дар миён набӯд

گفتم غم تو با خود و دل در میان نبود

Кард аз шикофи синаи дилам , арзи ҳоли худ

کرد از شکاف سینه دلم، عرض حال خود

Тақрири иштиёқи ту кор забон набӯд

تقریر اشتیاق تو کار زبان نبود