Манъ судӣ накунад коши насиҳатгар мо
منع سودی نکند کاش نصیحتگر ما
Гар тавонад бабради тирагӣ аз ахтари мо
گر تواند ببرد تیرگی از اختر ما
Ту магар дар дили моҳӣ ки чунин ме гирданд
تو مگر در دل ماهی که چنین میگردند
Моҳу хуршед чу парвона ба гирди сари мо
ماه و خورشید چو پروانه به گرد سر ما
Дар шикасти дили мо парҳезӣ нест ба лоф
در شکست دل ما پرهیزی نیست به لاف
Мо ҳубобем , насимӣ шаканд соғари мо
ما حبابیم، نسیمی شکند ساغر ما
Мо аз он сӯхтагонем ки бизадойад чарх
ما از آن سوختگانیم که بزداید چرخ
Занг аз ойӣнаи моҳ ба хокистари мо
زنگ از آیینه ماه به خاکستر ما