эй бо меҳрат сиришта обу гули ман
ای با مهرت سرشته آب و گل من
Сад шукр ки барадии дили ғами ҳосили ман
صد شکر که بردی دل غم حاصل من
То дар сари зулф ту надидам дил ро
تا در سر زلف تو ندیدم دل را
Ҳқо ки биҷой худ наомад дили ман
حقا که بجای خود نیامد دل من