Малики дарвешӣ на пиндорӣ ки белашкар гирифтам

ملک درویشی نه پنداری که بی لشکر گرفتم

Ин вилояти ман боаҳи хушку чашм тар гирифтам

این ولایت من بآه خشک و چشم تر گرفتم

Ман бҳўлу қувва худ менакардам ин афифӣ

من بحول و قوه خود می نکردم این عفیفی

Бали бъўни ҳақи Аннани нафас шаҳватгар гирифтам

بل بعون حق عنان نفس شهوتگر گرفتم

Буд дар сари нихватам ҳар чанд кушедам бнирў

بود در سر نخوتم هر چند کوشیدم بنیرو

Нихватам зоил нашуд то онкии тарк сар гирифтам

نخوتم زایل نشد تا آنکه ترک سر گرفتم

Буд ҷонами кӯдакии ҳирсаши падари момши тамаъи ман

بود جانم کودکی حرصش پدر مامش طمع من

Ҳам биҷаҳадаш зон падари вази чанги ин модар гирифтам

هم بجهدش زان پدر وز چنگ این مادر گرفتم

Ман дарин дарёӣ бепоёб дар ёрстгӣ ро

من درین دریای بی پایاب در یارستگی را

Аз қаноати киштӣ ва аз хомшӣ лангар гирифтам

از قناعت کشتی و از خامشی لنگر گرفتم

Оби ҳайвони бади қаноати ҷустам аз зулмоти хилват

آب حیوان بد قناعت جستم از ظلمات خلوت

Ин равиши таълими ман аз Хизр пайғамбар гирифтам

این روش تعلیم من از خضر پیغمبر گرفتم

Бениёзам гарчи лекин дар гдоӣии баҳри дониш

بی نیازم گرچه لیکن در گدائی بهر دانش

Гӯиёи аббоси дўсм ё аз ӯ духтар гирифтам

گوئیا عباس دوسم یا از او دختر گرفتم

Дӯш дил мегуфт рустам аз алойиқи ҷилваи гуфто

دوش دل می گفت رستم از علایق جلوه گفتا

Кофарам хон ин сухангар аз ӯ ман бовар гирифтам

کافرم خوان این سخن گر از او من باور گرفتم