эй ки гуфтӣ малики дарвешӣ на белашкар гирифтам
ای که گفتی ملک درویشی نه بی لشکر گرفتم
Бо сипоҳи ашку фавҷи оҳи ин кишвар гирифтам
با سپاه اشک و فوج آه این کشور گرفتم
Ҳиммати мардони роҳи ҳақи азин сад раҳ фузун шуд
همت مردان راه حق ازین صد ره فزون شد
Ҳар чаҳ гўӣӣ беш аз ин ҳимматат бовар гирифтам
هر چه گوئی بیش از این همتت باور گرفتم
Лек сахти андари шигифтам зонкаҳ гуфтӣ аз накӯён
لیک سخت اندر شگفتم زآنکه گفتی از نکویان
Соъатӣ дилбар гирифтам соъатии дил бар гирифтам
ساعتی دلبر گرفتم ساعتی دل بر گرفتم
Аз канори хубрӯёни сӯй бадномӣ нарафтам
از کنار خوبرویان سوی بدنامی نرفتم
Вази дарахти никномии тухм киштам барграфтам
وز درخت نیکنامی تخم کشتم برگرفتم
Бӯсаро иқрори дории вази канори инкори дорӣ
بوسه را اقرار داری وز کنار انکار داری
ё чунон иқрори ингории чунин мункир гирифтам
یا چنان اقرار انگاری چنین منکر گرفتم
Чун ҳакямон ҷаҳон гуфтанд кор , аз кори хезад
چون حکیمان جهان گفتند کار، از کار خیزد
Аиндўро ман лозиму малзум ҳамдигар гирифтам
ایندو را من لازم و ملزوم همدیگر گرفتم
Бӯсаи мифтоҳ канор омад канор аз вай нишоед
بوسه مفتاح کنار آمد کنار از وی نشاید
Кин канор аз ҷӯйбори хулди ман хуштар гирифтам
کاین کنار از جویبار خلد من خوشتر گرفتم
Гар наме ҷустии канор эдар чаро баргарди бӯса
گر نمی جستی کنار ایدر چرا برگرد بوسه
Гаштае ман ақлро шоҳид бар ин маҳзар гирифтам
گشته ای من عقل را شاهد بر این محضر گرفتم
Ақл гуяд чун зимоми нафас дар даст дил омад
عقل گوید چون زمام نفس در دست دل آمد
Қалбро мушрики шимурдами нафасро кофар гирифтам
قلب را مشرک شمردم نفس را کافر گرفتم
Ҷуз ки Фрмоӣии бъўни ҳақи зимоми нафаси мушрик
جز که فرمائی بعون حق زمام نفس مشرک
Аз кафи дил бо каманди ҳиммат ҳайдар гирифтам
از کف دل با کمند همت حیدر گرفتم
Қул ҳўоллаҳро бшитони ҳаюлои брдмидм
قل هوالله را بشیطان هیولا بردمیدم
Ояти сбҳи алмсонии зол пайғамбар гирифтам
آیت سبح المثانی زال پیغمبر گرفتم
Ҳар куҷо Мансур будам ақлро ёвари шимурдам
هر کجا منصور بودم عقل را یاور شمردم
Ҳар замони мағлуби гаштами шаръро довар гирифтам
هر زمان مغلوب گشتم شرع را داور گرفتم
Раҳбарами ҷўъ ва сҳр буданд дар сроءу зроء
رهبرم جوع و سهر بودند در سرآء و ضرآء
Аиндўи танро дар биёбони талаб раҳбар гирифтам
ایندو تن را در بیابان طلب رهبر گرفتم
Барадам аз зулмоти касрати паии боби Хизри ваҳдат
بردم از ظلمات کثرت پی بآب خضر وحدت
Хотам аз дасти сулаймони тоҷ аз Искандар гирифтам
خاتم از دست سلیمان تاج از اسکندر گرفتم
Гоҳ аз суфраи шуҳуди андари ғизоӣ рӯҳ хӯрдам
گاه از سفره شهود اندر غذای روح خوردم
Гоҳ аз кӯзаи вуҷӯди андар меаҳмар гирифтам
گاه از کوزه وجود اندر می احمر گرفتم
Ҷуръа ҳайвон нанӯшам аз кафи Хизри паямбар
جرعه حیوان ننوشم از کف خضر پیمبر
Чун зи дасти соқии кавсар мекавсар гирифтам
چون ز دست ساقی کوثر می کوثر گرفتم
Бо влои чордаҳи тани зи авлиёи ҳафтод навбат
با ولای چارده تن ز اولیا هفتاد نوبت
Ҳафт гардуни судаму оҳӯи зи ҳафт ахтар гирифтам
هفت گردون سودم و آهو ز هفت اختر گرفتم
Дар ҷавонии модари рузро бхок тира кардам
در جوانی مادر رز را بخاک تیره کردم
Чун замон перӣ омад пеш аз ӯ духтар гирифтам
چون زمان پیری آمد پیش از او دختر گرفتم
Додам аз кафи турра симин барону андари паии он
دادم از کف طره سیمین بران و اندر پی آن
Ашк чун симоби ҷорӣ бар рух чун зар гирифтам
اشک چون سیماب جاری بر رخ چون زر گرفتم
Сабзҳои ин чамани камтари зи хзроء алдмн шуд
سبزهای این چمن کمتر ز خضرآء الدمن شد
Лолаи зори хокёнро тел хокистар гирифтам
لاله زار خاکیان را تل خاکستر گرفتم
Кӣ зи хзроءи алдмн равшан шавад чашмам ки акнӯн
کی ز خضرآء الدمن روشن شود چشمم که اکنون
Болаш аз хуршеду фарш аз торам ахзар гирифтам
بالش از خورشید و فرش از طارم اخضر گرفتم
Ҷилваи дидори андари хилват асрор дидам
جلوه دیدار اندر خلوت اسرار دیدم
Маргро пеш аз замони нестӣ зевар гирифтам
مرگ را پیش از زمان نیستی زیور گرفتم
Солу моҳами ҷумлагии Урдӣбиҳишт ва фарвардин шуд
سال و ماهم جملگی اردیبهشت و فروردین شد
Кӣ ба дили андеша аз мурдод ва шаҳривар гирифтам
کی به دل اندیشه از مرداد و شهریور گرفتم
Чашмат эй парвонаи моти ҷилваи шамъ ҳудо шуд
چشمت ای پروانه مات جلوه شمع هدی شد
Анқариб аз оташи ғайрати тропӣ пар гирифтам
عنقریب از آتش غیرت تراپی پر گرفتم