Пешат чу оби дидаи худ хор монда ем

ما حرف ملامت همه از سینه بشستیم

Хории зи пеши мост ки бисёр монда ем

با دشمن و با دوست دل از کینه بشستیم

Аз ҷаври санги фитна рафиқон гурехтанд

تا برق رخ ساقی ما در قدح افتاد

Мо по скштаҳем ҳазини вор монда ем

دست از خود و از خرقه پشمینه بشستیم

Маҷнӯну кӯҳкани зи ғами осӯда дил шуданд

المنه لله که بیک جرعه وصلت

Моием каз ғами ту дили афкор монда ем

درد از دل و دل از غم دیرینه بشستیم

Бурданди дигарон бсхни кори худ зи пеш

گر داشت دل ما قدری گرد کدورت

Мо бизбон чу сӯрати девор монда ем

بازآی که ما گرد ز آیینه بشستیم

Юсуфи азиз Миср шуд ва мо зи шавқ ӯ

پرخون مکن از زخم ستم سینه اهلی

Ҳайрон ҳануз бар сари бозор монда ем

اکنون که بصد خون جگر سینه بشستیم