Дидаи дарё чу шуд аз гиря чаҳ тадбир кунам
اگر تو دور کنی از درم صبور شوم
Дили бтўФони нуҳуму чашм ба тақдир кунам
ولی خدا نگذارد که از تو دور شوم
Пераму масти ҷавонони зи худами шармии бод
سرم ز سجده این در چه خوش حضوری یافت
Ки ҷавонон накунанд ончии ман пер кунам
خوش آنکه خاک درت از سر حضور شوم
Каси раҳи ман надиҳад дар ҳии Лайлӣ вааш хеш
شبی چو آبحیات از درم درآ ای شمع
Магари аинсўрти маҷнӯн шуда тағйир кунам
که گرچه ظلمت محضم تمام نور شوم
Гуфта ӣӣ дарди дил хеш бигӯ пеши табиб
باختیار چرا در رهت نگردم خاک
Беш аз он дард дилам ҳаст ки тақрир кунам
که در فراق تو خاک از سر سرور شوم
Ман ҷуз аз саҷдаи бути роҳ бтоът набарам
تو بدگمان مشو ایگل که من نه آنمرغم
Кофарӣ бошам агар донам ва тақсир кунам
که گر بخلد روم بیتو صید حور شوم
Дӯш дар хоби саҳари ҳамдам хуршед шудам
سگ رقیب تو غافل ز حلم شیران است
Магари ин хоби бадӣдори ту таъбир кунам
مباد آنکه ز غیرت بر او غیور شوم
Оқилӣ ба змни аихўоҷаҳи талаб дар ғами дил
برغم کج نظران جرعه یی به اهلی بخش
Ман бзнҷири дилами дили бача занҷир кунам
که از شراب تو مست می طهور شوم