Ҳамчуи рухсори ту дар олами гулии бихори кӯ

نازکتر از گل است بسی طبع و خوی تو

Ҳамчуи қадати срўнозии нозанини рафтори кӯ

آواز چون بلند کند کس بروی تو

эй чу гул дар пардаи моро қӯти сабр аз куҷо

یاران حریف جام وصال تو ای گلند

Вари гушойии парда аз рухи тоқати дидори кӯ

من عندلیب مستم و قانع ببوی تو

Зоҳидии бихбри Мансурро бурдор ишқ

ای آب خضر ماهی لب تشنه توام

Снгборон мекунанд аммо касе бурдор кӯ

دریاب اگرنه میکشدم آرزوی تو

Дар шаб торик хуршедаст шамъ рӯй ту

کس درنیافت مستی و هشیاری ترا

Баҳри бедорони валикини дидаи бедори кӯ

از چشم فتنه ساز و لب عشوه جوی تو

Ман ки аз савдои зулфати кофарӣ девона ам

چون مرغ نیم بسمل از آن میطپم بخاک

Орам аз занҷир ояд ҳалқаи знози кӯ

کافتد مگر سرم دم آخر بسوی تو

Сарви мангар нисбати қадат ба нешикар кунанд

عشقت گسست رشته جان آنچنانکه باز

Нешикарро дар забони ширинии гуфтори кӯ

پیوند زندگی نشود جز بموی تو

Аҳлӣ аз бедоди хубон чанд мегӯйӣ сухан

اهلی مگر بشربت مرگ از دلت رود

Судат эй бисёр гӯи зини гуфтан бисёр кӯ

زهری که ریخت هجر بتان در گلوی تو