Манъат накунамгар ббди андеши нишинӣ

چند سازم که شوم خاک و تو بر من گذری

Тарсам ки ба рағми ман аз он беш нишинӣ

سوختم تا بمن سوخته خرمن گذری

Ғам нест бмн гар нанишинӣ ғам аз онаст

دست افتاده نخواهی که بدامن رسدت

Каз ман гузарии ғайри марои пеши нишинӣ

نیست از شوخی اگر برزده دامن گذری

Васл аз ту наҷӯям ки турои аишаҳи хубон

چون خیال تو کنم خون دل از دیده چکد

Нанг ояд агар бо ман дарвеши нишинӣ

که بصد نشتر مژگان بدل من گذری

Аикони намаки баҳри ҷигари сӯзии ман чанд

پای بوست چه بود آرزوی مردم چشم

Аз дида рӯй дар ҷигари риши нишинӣ

چشم داریم که بر دیده روشن گذری

Аҳлии дилат аз гӯша нишинон адам шуд

تا نسوزی همه تن شمع صفت اهلی را

Вақтаст ки паҳлавии дили хеши нишинӣ

از سر او عجبست ارتو بکشتن گذری