эй Юсуфи азиз чаҳ аз мо ниҳони шӯй

ایکه بر بالین طبیب جان بیمار منی

Аз мо мапуаш рух ки азизи ҷаҳони шӯй

از تو بوی آشنا آید مگر یار منی

Моҳи тамоми ман ки камӣ чун маат мабод

گر نگفتم با رقیبانی نگویی غافلم

Ёрб ҳамеша пери шӯйу ҷавони шӯй

غیرتم آید که گویم پیش اغیار منی

Ман пери равшан оинаам эй шукри даҳан

با حریفان هوسناکت هزاران مرحمت

Тӯтии сухани шӯй чу бмни ҳамзабони шӯй

من که از جان با توام در بند آزار منی

Бишинав сухан ки ҳасан қабӯлӣ диласту бас

ایکه از روی چو گل یاد آری و خال سیاه

Ин нуктагар қабул кунӣ нуктаи дони шӯй

وه تو هم عاشق مگر بر لاله رخسار منی

Юсуф шунида ӣӣ ки азизӣ бхлқ ёфт

گرچه چون اهلی نگردم هرگز از وصل تو شاد

Гар халқу лутф пеша кунӣ беш аз он шӯй

زینقدر شادم که میگویم تو دلدار منی