Бо икдми васлати ғам олам натавон гуфт

با یکدم وصلت غم عالم نتوان گفت

Сад солаи сухани боту бикдм натавон гуфт

صد ساله سخن باتو بیکدم نتوان گفت

Мо васли нҷўииму ғами ҳиҷри ту хоҳем

ما وصل نجوییم و غم هجر تو خواهیم

Вази нозукии хуии ту ин ҳам натавон гуфт

وز نازکی خوی تو این هم نتوان گفت

Бо захми ту хомӯшам ва захмӣ дигараст ин

با زخم تو خاموشم و زخمی دگرست این

Коҳўоли дили риш бмрҳм натавон гуфт

کاحوال دل ریش بمرهم نتوان گفت

Бисёр даҳони ту кам аз зарра буд лек

بسیار دهان تو کم از ذره بود لیک

Дар рӯй накӯёни сухан кам натавон гуфт

در روی نکویان سخن کم نتوان گفت

Ҳар кас ки саг ёр нашуд гарчи фиришта аст

هر کس که سگ یار نشد گرچه فرشته است

Дар мазҳаби мо ҳаргизаш одам натавон гуфт

در مذهب ما هرگزش آدم نتوان گفت

эй ман саги он гӯша нишин кӯи қадам аз дайр

ای من سگ آن گوشه نشین کو قدم از دیر

Берун наниҳоду хабараш ҳам натавон гуфт

بیرون ننهاد و خبرش هم نتوان گفت

Соқии қадаҳии бахш ва матарс аз ғами айём

ساقی قدحی بخش و مترس از غم ایام

Конҷо ки ту бошӣ сухан аз ғам натавон гуфт

کانجا که تو باشی سخن از غم نتوان گفت

Пеши ту ҳазор оинаи ҷам ба яке ҷӯ

پیش تو هزار آینه جم به یکی جو

Бо чашмаи хуршеди з шабнам натавон гуфт

با چشمه خورشید ز شبنم نتوان گفت

Тарсои бача ӣӣ қотил аҳлӣаст ки аз ноз

ترسا بچه یی قاتل اهلی است که از ناز

Бо ӯ сухан аз исо Марям натавон гуфт

با او سخن از عیسی مریم نتوان گفت