Муҷовирам чу сегон баҳри порс дар Кувайт

مجاورم چو سگان بهر پارس در کویت

Фириштаро нагузорам ки бугзарад сӯят

فرشته را نگذارم که بگذرد سویت

Чаҳ ҷои онкӣ ба бегонаи бинмти ҳамдам

چه جای آنکه به بیگانه بینمت همدم

Ки ҷон хеш нахоҳам ки башнавад бӯят

که جان خویش نخواهم که بشنود بویت

Бадвади оҳи ҷаҳонӣ сияҳ кунам ҳар шаб

بدود آه جهانی سیه کنم هر شب

Ки бар касе нафитад партави маи рӯят

که بر کسی نفتد پرتو مه رویت

Кушоди зулфи ту сад дили бики гиреҳ ки гушӯд

گشاد زلف تو صد دل بیک گره که گشود

Гиреҳи гушои дили мости сунбули мӯят

گره گشای دل ماست سنبل مویت

Чаро зи талхии хуии ту ҷони ман ранҷад

چرا ز تلخی خوی تو جان من رنجد

Ки нўшдорўӣ ҷонаст талхии хуят

که نوشداروی جان است تلخی خویت

Бигӯӣ бо хати сабзат ки кӣ равост чу Хизр

بگوی با خط سبزت که کی رواست چو خضر

Ки май ту нӯшӣ ва мо хӯни дили зи паҳлуят

که می تو نوشی و ما خون دل ز پهلویت

зи шавқ , чашми ту аҳлӣ , рамида аз мардум

ز شوق، چشم تو اهلی، رمیده از مردم

Ки мӯниси дили маҷнӯн басаст оҳӯят

که مونس دل مجنون بس است آهویت