Ҳар кас ки пои ниҳоди бкўити з даст рафт
هر کس که پا نهاد بکویت ز دست رفت
Ҳушёр ва оқил омаду маҷнӯн ва маст рафт
هشیار و عاقل آمد و مجنون و مست رفت
Зулфи ту хостам ки бигирам дилами рабӯд
زلف تو خواستم که بگیرم دلم ربود
Онам бадасти номад ва инам з даст рафт
آنم بدست نامد و اینم ز دست رفت
Дилбар чу рафт риштаи ҷони гӯ гусаста бош
دلبر چو رفت رشته جان گو گسسته باش
Доми аинзмон чаҳ суд ки моҳии з шаст рафт
دام اینزمان چه سود که ماهی ز شست رفت
Дар хӯн нишастаам ки камон абрӯем зи ноз
در خون نشسته ام که کمان ابرویم ز ناز
Чун тири хеш дар назарам то нишаст рафт
چون تیر خویش در نظرم تا نشست رفت