Доғи дилам он нест ки боман суханат нест
داغ دلم آن نیست که بامن سخنت نیست
Ин доғи дилами сӯхт ки пурвой миннат нест
این داغ دلم سوخت که پروای منت نیست
Пайваста хӯрам зи хами ҷафо аз ғамат эй сарв
پیوسته خورم ز خم جفا از غمت ای سرو
Ҷузи захми ҷафои ҳеҷ гулӣ дар чаманат нест
جز زخم جفا هیچ گلی در چمنت نیست
Бозори шукр аз даҳани тнк ту бишикаст
بازار شکر از دهن تنک تو بشکست
Касро гузар аз пистаи шукр шиканат нест
کس را گذر از پسته شکر شکنت نیست
Таслими шӯ эй мурғи гирифтор ки ҳаргиз
تسلیم شو ای مرغ گرفتار که هرگز
Аз доми муҳаббати раҳи берун шуданат нест
از دام محبت ره بیرون شدنت نیست
Чун ғунчаи забонами ҳама , ваз дард хамӯшам
چون غنچه زبانم همه، وز درد خموشم
Ҳарчанд ки гӯйанд забон дар даҳанат нест
هرچند که گویند زبان در دهنت نیست
Аҳлӣ чу лаби ёр дар ояд бҳкоит
اهلی چو لب یار در آید بحکایت
Гар Хизру масӣҳӣ ки маҷол суханат нест
گر خضر و مسیحی که مجال سخنت نیست