эй Хизр ки ҳамдам шудае оби бақо ро
ای خضر که همدم شدهای آب بقا را
Зинҳор ба ёди ори лаби ташнаи мо ро
زنهار به یاد آر لبِ تشنهٔ ما را
Заҳраст ғамат гар набӯд ваъдаи бӯсӣ
زهر است غمت گر نَبُوَد وعدهٔ بوسی
Бечошнӣ хӯн хӯрам ин заҳри бало ро
بیچاشنیِ خون خورم این زهر بلا را
Гул аз ту чунон шуд ки ба сад дида чу шабнам
گل از تو چنان شد که به صد دیده چو شبنم
Бар хории гули гиря буд мурғи ҳаво ро
بر خواریِ گل گریه بُوَد مرغِ هوا را
То каси набарди бӯи зи кабоби дили мисатон
تا کس نبرد بو ز کباب دل مستان
Дар суҳбати мо раҳ набӯд боди сабо ро
در صحبتِ ما ره نَبُوَد باد صبا را
Он каъба ки аз чори тараф саҷда кунандаш
آن کعبه که از چار طرف سجده کنندش
Хиштӣ буд аз хок дарат аҳли сафо ро
خشتی بُوَد از خاک درت اهل صفا را
Аз водии маҷнӯни сафатони буии вафои ҷӯй
از وادیِ مجنونصفتان بوی وفا جوی
Конҷо ки туе ном ндонанд вафо ро
کآنجا که تویی نام ندانند وفا را
Пеши ту шаҳон хок нишинанд чу аҳлӣ
پیش تو شهان خاکنشینند چو اهلی
Дар ишқ тафовут набӯд шоҳу гадо ро
در عشق تفاوت نَبُوَد شاه و گدا را