То Юсуфаши чокӣ чу гул дар ҷайб пероҳан нашуд
تا یوسفش چاکی چو گل در جیب پیراهن نشد
Аз накҳати пероҳанаши чашми падар равшан нашуд
از نکهت پیراهنش چشم پدر روشن نشد
Аввали зиришки дӯстии фарзанди одам кушта шуд
اول زرشک دوستی فرزند آدم کشته شد
То теғи ғайрати сар назд каси қобил куштан нашуд
تا تیغ غیرت سر نزد کس قابل کشتن نشد
Сарв аз суҷуди қоматати саҷҷода бар оби афканд
سرو از سجود قامتت سجاده بر آب افکند
Кин тоъаташи ҳосил касе бепокӣ доман нашуд
کاین طاعتش حاصل کسی بی پاکی دامن نشد
Наниҳод ганҷи дӯстии ҷуз дар дили мо ишқи ту
ننهاد گنج دوستی جز در دل ما عشق تو
Ореи фалаки ҳам беғараз бо аҳли дил душман нашуд
آری فلک هم بی غرض با اهل دل دشمن نشد
Пайдо нашуд мағзи тараб дар устихон ҳаргар маро
پیدا نشد مغز طرب در استخوان هر گر مرا
То марҳами пайкон ӯ дар устихон ман нашуд
تا مرهم پیکان او در استخوان من نشد
Нгзордми ғайрат ки дам чун ғунча аз доғати занам
نگذاردم غیرت که دم چون غنچه از داغت زنم
Зон оташи пинҳони ман бар ҳечкас равшан нашуд
زان آتش پنهان من بر هیچکس روشن نشد
Аз оҳи аҳлӣ кас нашуд воқифи зи чоки сина аш
از آه اهلی کس نشد واقف ز چاک سینه اش
То аз дарунаши дӯди дили берун ба сад равзан нашуд
تا از درونش دودِ دل بیرون به صد روزن نشد